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ऑनलाइन उपस्थिति का विरोध: प्राथमिक शिक्षक संघ बोला – पहले हमारी समस्याओं का समाधान हों

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने छात्रों और शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि सरकार को पहले शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं का समाधान करना चाहिए, तभी ऐसी व्यवस्थाओं पर ज़ोर देना उचित होगा।

Online Attendance

🗣️ "पहले व्यवस्था सुधारें, फिर ऑनलाइन उपस्थिति": सुशील कुमार पांडेय

संगठन के अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय ने सरकारी आदेशों पर सवाल उठाते हुए कहा:


“शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान दिए बिना उन्हें ऑनलाइन उपस्थिति के लिए मजबूर करना व्यावहारिक नहीं है। सरकार को पहले शिक्षकों के हितों पर विचार करना चाहिए।”


🚌 स्थानांतरण और नियुक्ति की समस्याएँ

शिक्षक संघ ने अपनी प्रमुख माँगों को रेखांकित किया:

  • शिक्षक जिन्हें अपने गृह जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवा हेतु भेजा गया है, उन्हें निकटतम जिला में तैनात किया जाए।
  • प्रत्येक विद्यालय में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और एक कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए ताकि शिक्षकों को अतिरिक्त प्रशासनिक कार्यों से राहत मिले।

🌐 ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की कमी

संगठन ने यह भी कहा कि प्रदेश के कई दूरस्थ गाँवों में इंटरनेट और नेटवर्क की सुविधा अभी भी दुर्लभ है। ऐसे में ऑनलाइन उपस्थिति जैसी व्यवस्था लागू करना डिजिटल असमानता को और बढ़ावा देगा।


🧭 क्या समाधान मिलेगा?

संगठन ने सरकार से अपील की है कि शिक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति के लिए बाध्य करने से पहले:

  • इंटरनेट कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जाए
  • लंबित स्थानांतरण और सेवा शर्तों पर विचार किया जाए
  • विद्यालयों में आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती की जाए

यदि इन मुद्दों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षक संघ आगे बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।