69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण से जुड़े मामले की सुनवाई 18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी तय है। इसी को ध्यान में रखते हुए आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें याची लाभ प्रदान कर मामले का निस्तारण किया जाए। अभ्यर्थियों का कहना है कि किसी भी अभ्यर्थी को भर्ती से बाहर न किया जाए, बल्कि आरक्षण प्रभावित अभ्यर्थियों को संरक्षण दिया जाए।
इस संबंध में अभ्यर्थियों ने शासन व विभाग के शीर्ष अधिकारियों को ई-मेल भेजकर आग्रह किया है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करे। उनका कहना है कि बिना किसी हटाए, न्यायपूर्ण समाधान के लिए याची लाभ ही उपयुक्त रास्ता है।
पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप एवं प्रदेश संरक्षक भास्कर सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले एक प्रतिनिधिमंडल ने बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह से मुलाकात की थी। उन्होंने भी अभ्यर्थियों की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया था और आश्वस्त किया था कि 18 नवंबर को सरकारी अधिवक्ता सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगे।
अब अभ्यर्थियों की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और सरकार के रुख पर टिकी हैं।


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