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केंद्र ने नए श्रम कानून लागू किए: सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी, 40 करोड़ श्रमिक होंगे लाभान्वित

Sir Ji Ki Pathshala

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को नई श्रम संहिताओं को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया। इन नए नियमों के साथ देश के करोड़ों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण सुधार अब कानून का रूप ले चुके हैं। सरकार का दावा है कि नई संहिताएँ न्यूनतम मजदूरी, एक वर्ष के बाद ग्रैच्युटी, महिलाओं के लिए सम्मानजनक और सुरक्षित कार्य वातावरण, और देशभर में सामाजिक सुरक्षा के विस्तार को सुनिश्चित करेंगी।


कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन की गारंटी कानून

श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव: 29 पुराने कानूनों का एकीकरण

सरकार ने कुल 29 मौजूदा श्रम कानूनों को तर्कसंगत और सरल बनाते हुए चार नई श्रम संहिताओं के रूप में लागू किया है। इससे 40 करोड़ से अधिक श्रमिकों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

नई संहिताओं के प्रमुख प्रावधान:

  • देशभर में एकीकृत ईएसआईसी कवरेज
  • महिला कर्मचारियों के लिए रात्रि-पाली में काम करने की अनुमति (सख्त सुरक्षा प्रावधानों के साथ)
  • 40 वर्ष से अधिक उम्र के कामगारों के लिए वार्षिक नि:शुल्क चिकित्सा जांच
  • रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस और रिटर्न की प्रक्रिया को सरल बनाते हुए एक प्रणाली

‘विकसित भारत के लक्ष्य को रफ्तार’ – श्रम मंत्री मांडविया

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि नई श्रम संहिताओं का लागू होना केवल सुधार नहीं, बल्कि राष्ट्र के कार्यबल के कल्याण की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा कदम है।

उन्होंने कहा कि ये संहिताएँ 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को गति देने वाली हैं और इनसे रोजगार बढ़ाने, उद्योगों को सक्षम बनाने तथा श्रमिकों को सुरक्षित भविष्य प्रदान करने में सहायता मिलेगी।


ऐतिहासिक फैसला: अब यह देश का कानून

सरकार ने जिन चार संहिताओं को अधिसूचित कर कानून का रूप दिया है, वे हैं:

  1. वेतन संहिता, 2019
  2. औद्योगिक संबंध संहिता, 2020
  3. सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020
  4. व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशाएं संहिता, 2020

ये संहिताएँ दशकों पुराने श्रम नियमों को बदलकर एक अधिक सरल, पारदर्शी और आधुनिक ढांचा तैयार करती हैं।


एक वर्ष की नौकरी के बाद मिलेगा ग्रैच्युटी का लाभ

नई संहिता के सबसे बड़े लाभों में से एक है—
अब कर्मचारी को केवल एक वर्ष की सेवा के बाद ही ग्रैच्युटी का अधिकार मिलेगा।
पहले इसके लिए न्यूनतम 5 वर्ष की नौकरी अनिवार्य थी।
यह बदलाव कर्मचारियों, विशेषकर अस्थायी और तय अवधि वाले कामगारों के लिए बड़ी राहत है।


गिग वर्कर्स और एग्रीगेटर्स को पहली बार कानूनी पहचान

नई श्रम संहिताओं का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि:

  • गिग वर्कर्स (जैसे: स्विगी, जोमैटो डिलीवरी पार्टनर)
  • एग्रीगेटर्स

को पहली बार कानूनी रूप से परिभाषित किया गया है।
अब एग्रीगेटर कंपनियों को अपने वेलफेयर फंड में टर्नओवर का 1–2% हिस्सा योगदान के रूप में देना होगा।
इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार और स्टंट कलाकारों को भी अधिकतम लाभों का अधिकार मिलेगा।


विभिन्न वर्गों के लिए नए लाभ

महिला कर्मचारी

  • समान वेतन
  • नाइट शिफ्ट की अनुमति
  • परिवार की व्यापक परिभाषा
  • सुरक्षा प्रावधान मजबूत

युवा

  • शोषण रोकने हेतु न्यूनतम वेतन
  • नियुक्ति पत्र अनिवार्य
  • छुट्टी के दौरान वेतन

आईटी कर्मचारी

  • हर महीने की 7 तारीख तक वेतन सुनिश्चित
  • शिकायत निवारण तंत्र
  • महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट के अवसर

तय अवधि वाले कर्मचारी

  • स्थायी कर्मचारियों जैसे सभी लाभ
  • एक वर्ष बाद ग्रैच्युटी

नए रोजगार अवसरों की उम्मीद

श्रम मंत्रालय के अनुसार, नई संहिताओं से उद्योगों एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी, जिससे नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
पुराने श्रम कानून आजादी के प्रारंभिक वर्षों में बने थे, इसलिए नए बदलावों को आधुनिक भारत की जरूरतों के अनुरूप बताया जा रहा है।