लखनऊ। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने गुरुवार को जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने मतदाताओं की सुविधा के लिए नई पहल ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ की शुरुआत की घोषणा की। इस सुविधा के माध्यम से मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल पर जाकर अपने बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) से सीधे संपर्क कर सकेंगे। बीएलओ को 48 घंटे के भीतर कॉल बैक कर संबंधित समस्या का समाधान करना अनिवार्य होगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि यह पहल मतदाताओं और बीएलओ के बीच संवाद को सुगम बनाएगी तथा मतदाता सूची में त्रुटियों के त्वरित समाधान में मदद करेगी। उन्होंने सभी बीएलओ को निर्देश दिया कि वे बीएलओ ऐप का एडवांस वर्जन 8.7 डाउनलोड करें और वितरण की प्रगति को ऑनलाइन अपडेट करें।
रिणवा ने स्पष्ट कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो और सभी पात्र नागरिकों का नाम अवश्य जोड़ा जाए।
उन्होंने बताया कि सभी जिलों में गणना प्रपत्रों की छपाई पूरी हो चुकी है तथा वितरण कार्य को और गति दी जा रही है। साथ ही, हर जिले में जिला संपर्क केंद्र (DCC) संचालित किए जाएंगे, जहां मतदाताओं की शिकायतों और जिज्ञासाओं का समाधान किया जाएगा।
रिणवा ने निर्देश दिया कि एसआईआर अभियान की दैनिक प्रगति मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाए, ताकि पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा मिले। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिकों से अपील की कि वे शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने में सक्रिय सहयोग करें।
वर्ष 2003 की सूची में नाम न होने पर देना होगा नागरिकता प्रमाण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन नागरिकों का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उनके लिए दूसरा चरण चलेगा। 9 दिसंबर के बाद ऐसे नागरिकों को नोटिस भेजे जाएंगे। सत्यापन के लिए उन्हें भारतीय नागरिकता का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा, जैसे—आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या बिजली बिल आदि।
वहीं, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए हैं, उनके परिजन पीले फॉर्म के माध्यम से बीएलओ को सूचना देकर उनके नाम सूची से हटाने में सहयोग करें।
शामली डीएम से मांगा स्पष्टीकरण
बैठक में शामली के जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुपस्थिति पर रिणवा ने नाराजगी जताई और उनके विरुद्ध स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण कार्य शीर्ष प्राथमिकता का है, अतः किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह नई पहल न केवल मतदाताओं की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

