श्रावस्ती, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, जनपद श्रावस्ती ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने से पहले शिक्षकों की बुनियादी मांगों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की है। संघ ने शासन से अनुरोध किया है कि ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था लागू करने से पूर्व शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कुछ आवश्यक सुधार किए जाएं।
संघ के जिलाध्यक्ष विनय पांडेय ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक वर्ग पहले से ही कई प्रशासनिक और तकनीकी दवाबों के बीच कार्य कर रहा है। ऐसे में बिना पर्याप्त सुविधाओं और न्यायसंगत अवकाश व्यवस्था के ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली शिक्षकों पर अतिरिक्त बोझ डाल देगी।
संघ की प्रमुख मांगें
1. शिक्षकों को 30 दिनों का अर्जित अवकाश (EL) प्रदान किया जाए।
2. कम से कम 14 हाफ CL (अर्धवार्षिक अवकाश) की व्यवस्था की जाए।
3. 14 CL (साधारण अवकाश) पूर्ववत रखी जाए।
4. बीमारी या दुर्घटना जैसी आपात स्थितियों में उपस्थिति के समय की छूट दी जाए।
5. प्रत्येक शैक्षणिक सत्र में शिक्षकों का स्थानांतरण गृह जनपद में करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
6. चयन वेतनमान, एरियर और नियमित वेतन भुगतान की समयबद्ध गारंटी दी जाए।
विनय पांडेय ने कहा कि “शिक्षक समाज राज्य की नींव है। यदि शिक्षक मानसिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित रहेंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी। शासन को चाहिए कि इन मांगों को गंभीरता से लेकर ठोस निर्णय करे।”
संघ का आग्रह: सहयोग से ही सुधरेगी व्यवस्था
संघ का मानना है कि यदि सरकार और शिक्षक समाज आपसी संवाद के माध्यम से नीतियाँ बनाएं, तो डिजिटल उपस्थिति जैसी व्यवस्थाएं भी पारदर्शी और व्यवहारिक बन सकती हैं।

