लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को लंबे समय से चल रहे सर्वे कार्य से राहत दे दी है। नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 15+ आयु वर्ग के असाक्षरों की पहचान का कार्य अब शिक्षकों से हटाकर शिक्षामित्रों को सौंप दिया गया है।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, शिक्षामित्र गाँव-गाँव जाकर उल्लास सर्वे ऐप के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे। यह जानकारी वे संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक को उपलब्ध कराएंगे।
यह बदलाव ऐसे समय में किया गया है जब शिक्षक मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), स्कूल संचालन और आगामी अर्धवार्षिक परीक्षाओं को लेकर व्यस्त हैं। विभाग का कहना है कि इससे शिक्षकों पर कार्यभार कम होगा और बच्चे पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगे।


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