यूपीएस योजना फेल, ओपीएस बहाली की मांग तेज: अटेवा ने 25 नवंबर को दिल्ली कूच का आह्वान किया
लखनऊ। एकीकृत पेंशन योजना (UPS) को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (NMOPS) और ऑल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (ATEWA) ने शनिवार को यह दावा किया कि यूपीएस योजना पूरी तरह फेल साबित हुई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा कि लगभग 24 लाख केंद्रीय कर्मचारियों में से 97 प्रतिशत ने इस योजना को अस्वीकार कर दिया है।
प्रेस क्लब में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सरकार बार-बार समय सीमा बढ़ाकर केवल असंतोष को टालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारी यूपीएस या एनपीएस नहीं चाहते, बल्कि वे पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग पर अडिग हैं। अटेवा ने देशभर के शिक्षकों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से 25 नवंबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है।
संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. नीरजपति त्रिपाठी ने कहा कि सरकार शिक्षकों का उत्पीड़न कर रही है, उन्हें बार-बार परीक्षा के नाम पर अपमानित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीईटी को अनिवार्य करना शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव डालने जैसा है।
इस प्रेस वार्ता में सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सिंह, नर्सिंग एसोसिएशन के महामंत्री अशोक कुमार, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे और पीडब्ल्यूडी कर्मचारी नेता भारत सिंह यादव सहित कई संगठन नेताओं ने भाग लिया और दिल्ली प्रदर्शन समर्थन की घोषणा की।
कर्मचारी संगठनों ने दोहराया कि यूपीएस और एनपीएस दोनों ही कर्मियों के हित में नहीं हैं, तथा उन्होंने केंद्र सरकार से ओपीएस को एक वैकल्पिक विकल्प के रूप में फिर से लागू करने की मांग की है।

