टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का विरोध तेज, 24 नवम्बर को दिल्ली धरना सुनिश्चित - अमित सिंह
बरसठी (जौनपुर)। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद शिक्षकों में व्यापक नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आगामी 24 नवम्बर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक दिवसीय धरने की तैयारी तेज कर दी है। यह धरना अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के लाखों शिक्षक शामिल होंगे।

धरने की तैयारी के तहत बरसठी ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय जरौटा में शिक्षक संघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रांतीय संयुक्त महामंत्री एवं जिलाध्यक्ष अमित सिंह ने की। उन्होंने कहा कि टीईटी को अनिवार्य करने का निर्णय शिक्षकों के हितों के विपरीत है और इससे हजारों अनुभवी शिक्षकों के अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस आदेश पर पुनर्विचार की मांग की।
संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि बरसठी ब्लॉक से सैकड़ों शिक्षक दिल्ली धरने में भाग लेने के लिए तैयार हैं तथा कई ने पहले ही अपनी यात्रा की व्यवस्था कर ली है। जनसम्पर्क के माध्यम से शिक्षकों को इस आंदोलन के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है।
बैठक में डा. अनुज सिंह, राजेश सिंह, संतोष सिंह, राम सिंह, प्रमोद सिंह, विनय सिंह, राघवेंद्र सिंह, जटाशंकर यादव सहित तमाम शिक्षक मौजूद रहे। वक्ताओं ने यह संकल्प लिया कि जब तक टीईटी अनिवार्यता का निर्णय वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
यह आंदोलन केवल जौनपुर तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान समेत नौ राज्यों के शिक्षक एकजुट होकर इसे देशव्यापी अभियान का रूप दे रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे अपने अनुभव और योग्यता के आधार पर चयनित हुए हैं, ऐसे में दोबारा परीक्षा थोपना अनुचित है।
