आठवें वेतन आयोग के गठन में देरी, लागू होने में लग सकता है समय
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की घोषणा के लगभग दस महीने बीत जाने के बाद भी आठवें वेतन आयोग का गठन नहीं हो पाया है। ऐसे में अब यह संभावना बन रही है कि केंद्रीय कर्मचारियों को आयोग की सिफारिशों का लाभ मिलने में देरी हो सकती है।केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने सरकार से आयोग के गठन की अधिसूचना जल्द जारी करने की मांग की है। हाल ही में केंद्रीय सचिवालय सेवा फोरम (CSS Forum) ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि सातवां वेतन आयोग लागू होने से लगभग दो वर्ष पहले गठित किया गया था, जिससे आयोग को गहन अध्ययन और सिफारिश तैयार करने का पर्याप्त समय मिला। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में ऐसा समय अब उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग को स्वीकृति दी थी, लेकिन अब तक इसका आधिकारिक गठन नहीं हो सका है। सातवें वेतन आयोग की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त हो रही है, इसलिए कर्मचारियों को आशंका है कि इससे वेतन वृद्धि और भत्तों के लागू होने में विलंब होगा।
नए फॉर्मूले से घट सकता है इंतजार
आर्थिक मामलों से जुड़े सरकारी सूत्र बताते हैं कि इस बार सरकार वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करने के लिए नया फॉर्मूला अपना सकती है। पारंपरिक रूप से किसी भी आयोग के गठन से लेकर सिफारिशों के लागू होने तक करीब दो वर्ष का समय लगता है, लेकिन नया सिस्टम इस अवधि को घटा सकता है।
अगर आयोग का गठन नवंबर में होता है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत सिफारिश आने में नवंबर 2027 तक का समय लग सकता है, और लागू होने की संभावित तारीख जनवरी 2028 मानी जा रही है। हालांकि, सरकार के नए फॉर्मूले से यह प्रक्रिया एक वर्ष से कम समय में भी पूरी की जा सकती है।
सरकार की योजना है कि यदि सभी विभागीय अनुमोदन समय पर मिल जाएं, तो वर्ष 2027 की शुरुआत से ही आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की जा सकें। इससे 30 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और लाखों पेंशनरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

