देश में 8 हजार स्कूल बिना छात्रों के, इन स्कूलों में 20 हजार से अधिक शिक्षक तैनात
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के ताजा आंकड़ों ने देश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था की चिंताजनक तस्वीर सामने रखी है। आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब आठ हजार स्कूल ऐसे हैं जिनमें एक भी छात्र नहीं पढ़ रहा, फिर भी इन स्कूलों में 20,817 शिक्षक तैनात हैं।
सत्र 2024-25 की रिपोर्ट बताती है कि सबसे अधिक बिना छात्रों वाले स्कूल पश्चिम बंगाल में हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि ऐसे स्कूलों की संख्या पिछले सत्र के मुकाबले घटी है। वर्ष 2023-24 में यह संख्या 12,954 थी, जो घटकर अब लगभग पांच हजार कम रह गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, एक शिक्षक के भरोसे चलने वाले स्कूलों की संख्या देशभर में अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस स्थिति में सबसे अधिक स्कूल उत्तर प्रदेश में हैं, जबकि झारखंड दूसरे, पश्चिम बंगाल तीसरे और मध्य प्रदेश चौथे स्थान पर है। देशभर में ऐसे स्कूलों की संख्या सत्र 2023-24 में 1,18,190 थी, जो अब घटकर 1,10,971 रह गई है।

वहीं, शिक्षा की स्थिति कुछ प्रदेशों और केंद्रशासित क्षेत्रों में अपेक्षाकृत बेहतर है। दिल्ली, पुदुचेरी, दादर-नगर हवेली, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन-दीव, चंडीगढ़, हरियाणा, महाराष्ट्र, गोवा, असम, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में हर स्कूल में छात्र पढ़ रहे हैं।
देशभर में फिलहाल 33 लाख बच्चे ऐसे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जहां केवल एक शिक्षक तैनात है। यह स्थिति सबसे अधिक आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप में देखने को मिली है।शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंकड़े स्कूलों के संसाधन वितरण, जनसंख्या असमानता और शिक्षकों की तैनाती से जुड़ी नीतियों में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करते हैं।
