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माता उन्मुखीकरण - फरवरी 2025 का एजेंडा एवं कार्यवृत्त देखें

Sir Ji Ki Pathshala

माता उन्मुखीकरण - फरवरी 2026 का एजेंडा एवं कार्यवृत्त देखें

दिनांक: 07 फरवरी 2026

स्थान: आँगनवाड़ी केंद्र / विद्यालय परिसर

​शिक्षा की नींव को मजबूत करने और अभिभावकों को बच्चों की सीखने की प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से हाल ही में 'माता उन्मुखीकरण बैठक' एवं 'चहक कार्यक्रम' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु बच्चों के साथ भ्रमण और खेल-खेल में संख्या ज्ञान विकसित करना रहा।

​1. बैठक का उद्देश्य और एजेंडा

​महानिदेशक स्कूल शिक्षा के आदेशानुसार आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत पिछले माह की गतिविधियों की समीक्षा के साथ हुई। मुख्य एजेंडा इस प्रकार रहा:

  • ​आने वाली माताओं का स्वागत और परिचय।
  • ​जनवरी माह की गतिविधियों पर चर्चा एवं समस्याओं का समाधान।
  • "बच्चों के साथ भ्रमण संख्या ज्ञान" विषय पर विस्तृत वार्ता।
  • ​चहक कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों द्वारा प्रस्तुतीकरण।

​2. भ्रमण के माध्यम से संख्या ज्ञान

​बैठक में माताओं को बताया गया कि बच्चों को भ्रमण पर ले जाना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि उनके सीखने का एक सशक्त माध्यम है।

  • कैसे सिखाएं: भ्रमण के दौरान रास्ते में पड़ने वाले पेड़ों, घरों, पक्षियों या पत्थरों को गिनकर बच्चों को आसानी से संख्या बोध कराया जा सकता है।
  • भ्रमण के लाभ: इससे बच्चों में न केवल मानसिक और शारीरिक विकास होता है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच भी विकसित होती है।

​3. घरेलू वस्तुओं से गणितीय नींव

​बैठक के दौरान शिक्षकों और सुपरवाइजर ने माताओं को प्रेरित किया कि वे घर पर उपलब्ध साधारण वस्तुओं का उपयोग शिक्षण सामग्री (TLM) के रूप में करें।

  • ​रसोई की सब्जियों, फलों, रोटियों या घर की सीढ़ियों को गिनकर संख्या पहचान कराई जा सकती है।
  • ​उँगलियों के माध्यम से गिनती सिखाना एक प्रभावी तरीका बताया गया, जिससे बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता और गणित की नींव मजबूत होती है।

​4. चहक कार्यक्रम: बच्चों का उत्साह

​बैठक का एक मुख्य आकर्षण 'चहक कार्यक्रम' रहा, जहाँ बच्चों ने अपने माता-पिता के सामने विभिन्न गतिविधियाँ प्रस्तुत कीं। इनमें प्रमुख थीं:

  • दौड़ो और पहचानो
  • बोलती तस्वीरें
  • मददगारों की जादुई थैली
  • अगर मैं मददगार होता

​इन गतिविधियों के माध्यम से अभिभावकों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा कि उनके बच्चे आँगनवाड़ी में क्या और कैसे सीख रहे हैं। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले नन्हे सितारों को पुरस्कृत भी किया गया।

​5. सामुदायिक सहभागिता और निष्कर्ष

​कार्यक्रम के अंत में माताओं के साथ एक खुली चर्चा (Open Discussion) की गई, जहाँ उन्होंने अपने अनुभव साझा किए। विद्यालय स्तर पर सभी के बैठने, उपस्थिति दर्ज करने और सभी को बोलने का समान अवसर देने की व्यवस्था सुनिश्चित की गई थी।

​अंत में, सभी को सूक्ष्म जलपान कराया गया और आगामी 'अभिभावक सम्मेलन' में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के अनुरोध के साथ बैठक का समापन हुआ। इस तरह के आयोजनों से निश्चित रूप से घर और विद्यालय के बीच की दूरी कम होगी और बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।