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UP BUDGET : योगी सरकार ने पेश क‍िया 8 लाख 8 हजार 736 करोड़ रुपये का बजट, देखें शिक्षा विभाग को क्या मिला ?

Sir Ji Ki Pathshala

UP BUDGET : योगी सरकार ने पेश क‍िया 8 लाख 8 हजार 736 करोड़ रुपये का बजट, देखें शिक्षा विभाग को क्या मिला ?

UP Budget 2025-26 उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का 9वां बजट पेश कर रही है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने आठ लाख, आठ हजार 736 करोड़ का बजट पेश किया है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए बजट पेश करते हुए कई बड़े एलान किए हैं। यूपी सरकार मेधावी छात्राओं को पात्रता के आधार पर स्कूटी देगी। युवाओं को ब्याजमुक्त लोन दिया जाएगा। चार नए एक्सप्रेसवे का एलान किया गया है। 58 नगर पालिकाओं को स्मार्ट सिटी बनाया जाएगा। 

सड़क एवं फ्लाइओवर के लिए

  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक का प्रदेश सरकार के लक्ष्य के दृष्टिगत प्रदेश में नॉर्थ साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढीकरण/निर्माण की योजना प्रारंभ की गई है, जिसके लिए 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • प्रदेश में सेतुओं एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु कुल 1450 करोड़ रूपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राज्य राजमार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढीकरण कार्यों हेतु 2900 करोड रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राज्य सड़क निधि से सड़कों के अनुरक्षण हेतु 3000 करोड़ रुपये तथा निर्माण हेतु 2800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • प्रदेश के ग्रामीण मार्गों एवं पुलियों के अनुरक्षण हेतु 2700 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है।
  • कृषि विपणन सुविधाओं हेतु ग्रामीण सेतुओं के निर्माण के लिये 1600 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • शहर वासियों के आवागमन को सुगम बनाने के दृष्टिगत शहरों के बाईपास एवं रिंगरोड तथा चौराहों पर फ्लाईओवर आदि के निर्माण हेतु 1200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • औद्योगिक / लॉजिस्टिक पार्क हेतु मार्गों के चौड़ीकरण/सुदृढीकरण/निर्माण कार्य हेतु 800 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मुख्यमंत्री ग्राम योजनान्तर्गत ग्रामीण मार्गों के नवनिर्माण पुनर्निर्माण / मिसिंग लिंक के निर्माण हेतु नई योजना प्रारम्भ की जा रही है। इस योजना हेतु 200 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों के सुधार, रोड सेफ्टी कार्यों एवं सौन्दयीकरण हेतु 250 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स
  • उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति 2017 के अन्तर्गत 23.203 करोड़ रुपये तथा उत्तर प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी नीति-20217 के अन्तर्गत 7,004 करोड़ रूपये का निवेश प्रदेश में हुआ है।
  • प्रदेश सरकार की डाटा सेन्टर नीति के अन्तर्गत पूर्व लक्षित 03 डाटा सेन्टर पार्क्स के स्थान पर संशोधित नीति के अन्तर्गत प्रदेश में 30,000 करोड़ रूपये के अनुमानित निवेश से 08 डाटा सेन्टर पार्क्स की स्थापना तथा 900 मेगावॉट क्षमता का लक्ष्य रखा गया है।
  • सेमीकण्डक्टर क्षेत्र में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यूपी सेमीकंडक्टर नीति, 2024 प्रख्यापित की गई है। 
  • सेमीकंडक्टर इकाइयों के लिए डेडीकेटेड प्रावधान आरंभ करने वाला उत्तर प्रदेश चौथा राज्य है।
  • राज्य में 8 स्टेट ऑफ आर्ट सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स के केन्द्रों की स्थापना के अन्तर्गत प्रथम सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स का केन्द्र मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इन्स्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्सेज में तथा आई.आई.टी. कानपुर नोएडा परिसर में आर्टिफिशियल इन्टेलिजन्स के क्षेत्र में एवं आई.आई.टी. कानपुर परिसर में ड्रोन सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स स्थापित होकर परिचालनरत हो गये हैं।
खादी एवं ग्रामोद्योग
  • प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार व्यक्तियों को खादी एवं ग्रामोद्योग के माध्यम से स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की प्रबल सम्भावनाए है। 
  • मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत वर्ष 2025-2026 में ब्याज उपादान मद में समुचित व्यवस्था प्रस्तावित है, जिसके अन्तर्गत 800 लाभार्थियों को बैंक ऋण उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे स्थापित होने वाले नये उद्यमों के माध्यम से 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
  • पं. दीनदयाल उपाध्याय खादी विपणन विकास सहायता योजना हे 32 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • उत्तर प्रदेश माटी कला बोर्ड के संचालन हेतु 11.50 करोड़ रुपये के व्यवस्था प्रस्तावित है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
  • प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।
  • एमएसएमई सेक्टर एक महत्वपूर्ण रोजगार परक सेक्टर है, इस प्रकार इन उद्यमों के विकास से जहाँ प्रदेश का समावेशी विकास होता है, वहीं रोजगार सृजन की असीम सम्भावनाएं भी उत्पन्न होती हैं।
  • प्रदेश के शिक्षित एवं प्रशिक्षित युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर नये सूक्ष्म उद्योगों की स्थापना हेतु वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से वर्ष 2024-2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रारम्भ किया गया है। 
  • योजना हेतु वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 1000 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग
  • हथकरघा उद्योग कृषि क्षेत्र के बाद उत्तर प्रदेश का सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला विकेन्द्रीयकृत कुटीर उद्योग है। 
  • प्रदेश में लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर एवं लगभग 80 हजार हाउस होल्ड हैं। 
  • प्रदेश में 2.58 लाख पावरलूम कार्यरत हैं जिसके माध्यम से लगभग 5.50 लाख पावरलूम बुनकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं।
  • पीएम मित्र योजना के अन्तर्गत टेक्सटाइल पार्क की स्थापना से सम्बन्धित व्यय हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • उत्तर प्रदेश वस्त्र गारमेन्टिंग पालिसी, 2022 के क्रियान्वयन हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई जा रही है।
  • अटल बिहारी बाजपेई पॉवरलूम विद्युत फ्लैट रेट योजना हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास
  • जब वर्ष 2017 में हमने कार्यभार सम्भाला था उस समय प्रदेश में औद्योगिक विकास पूरी तरह से रूका पड़ा था। 
  • उद्योग प्रदेश से विस्थापित हो रहे थे। उस समय कोई यह कल्पना भी नहीं कर सकता था कि प्रदेश में उद्योग-धन्धे आयेंगे भी, परन्तु दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और लक्ष्य प्राप्ति के अथक प्रयासों से कुछ भी सम्भव है
  • लखनऊ में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेंस सिटी के विकास के पांच करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • साइबर सुरक्षा में टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क की स्थापना के लिए तीन करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राज्य सरकार द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफलतम आयोजन किया गया, जिसमें लगभग 36 लाख करोड़ के निवेश के एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। 
  • उक्त समिट के एक वर्ष के अन्दर ही 6.50 लाख करोड़ से अधिक निवेश से या तो वाणिज्यिक उत्पादन प्रारम्भ हो गया है अथवा सम्बन्धित परियोजनायें निर्माणाधीन हैं। जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
यूपी में चार नए एक्सप्रेस-वे का होगा निर्माण 

  • आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से गंगा एक्सप्रेस-वे कौसिया, जनपद हरदोई वाया फर्रुखाबाद तक प्रवेश नियंत्रित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिये 900 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली होते हुए सोनभद्र से जोड़ने के लिए विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिएं 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मेरठ को हरिद्वार से जोड़ने हेतु गंगा एक्सप्रेस-वे विस्तारीकरण एक्सप्रेस-वे का निर्माण प्रस्तावित है जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई जा रही है।
  • बुन्देलखण्ड रीवा एक्सप्रेस-वे का निर्माण निर्माण प्रस्तावित है जिसके लिए 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराई जा रही है।
  • बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के साथ डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर परियोजना हेतु लगभग 461 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत लगभग साढ़े नौ हजार करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है।
कानून व्यवस्था के लिए
  • किसी भी समाज के सामाजिक आर्थिक उत्थान के लिए सुदृढ़ कानून व्यवस्था का होना पहली शर्त है। 
  • जब हमारी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में कार्यभार संभाला था उस समय प्रदेश किस प्रकार की विषम कानून व्यवस्था और गुंडाराज की गिरफ्त में था यह सभी को मालूम है।
  • हमारे मुख्यमंत्री के नेतृत्व एवं मार्ग निर्देशन में हमारी सरकार द्वारा प्रदेश में अपराध के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाते हुए गुंडों, माफियाओं और हर अपराध पेशा लोगों के खिलाफ अभियान चला कर कार्रवाई की गई।
श्रमिक कल्याण के लिए 
  • मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2024 तक 6,22.974 लाभार्थी हैं।

  • निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के अन्तर्गत माह सितम्बर, 2024 तक 41,453 लाभार्थी हैं।
  • कन्या विवाह सहायता योजना के अन्तर्गत पंजीकृत श्रमिक के कुल 02 बालिकाओं के स्वजातीय विवाह की स्थिति में 55,000 रूपये तथा अन्तर्जातीय विवाह की स्थिति में 61,000 रूपये की रकम दिये जाने का प्रावधान है।
  • निर्माण कामगार गंभीर बीमारी सहायता योजना के अन्तर्गत गंभीर बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में कराने पर इलाज के व्यय की शत प्रतिशत प्रतिपूर्ति करायी जा रही है।
  • उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना/मुख्यमंत्री जन-आरोग्य योजना से आच्छादित कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
  • आवासीय विद्यालय योजना प्रदेश के 12 जनपदों में संचालित है, जिनमें प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालक एवं बालिकाओं को प्रदेशित किये जाने का प्रावधान है।
  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों को निशुल्क गुणवत्तापूर्ण एवं उद्देश्यपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दृष्टि से प्रदेश के प्रत्येक मंडल में 360 बच्चों की क्षमता वाला एक-एक अटल आवासीय विद्यालय स्थापित है। इन विद्यालयों की क्षमता भविष्य में बढ़ाकर 1000 प्रति विद्यालय किया जाएगा।
92919 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी
  • वर्ष 2017 से दिसम्बर 2024 तक आरक्षी एवं समकक्ष, उप निरीक्षक एवं समकक्ष तथा लिपिक संवर्ग आदि के विभिन्न पदों पर कुल 1,56,206 भर्तियां की गई।
  • वर्तमान में अराजपत्रित श्रेणी के विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के 92919 पदों पर भर्ती हेतु कार्यवाही प्रचलित है।
  • लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाईयों की संख्या तथा 1.65 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश देश के सभी राज्यों में अग्रणी है।
नलकूपों से किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा

  • नहरों एवं सरकारी नलकूपों से किसानों को मुफ्त पानी की सुविधा हेतु 1300 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • प्रदेश के 1750 असफल नलकूपों के पुनर्निर्माण हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • डार्क जोन के असफल 569 नलकूपों के लिये लगभग 9 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
  • प्रदेश सरकार द्वारा 1551 बाढ़ परियोजनायें पूर्ण की गयी जिससे 32.87 लाख हेक्टेयर क्षेत्र सुरक्षित हुआ है तथा करोड़ों की आबादी लाभान्वित हुई है।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के लिए

  • मध्य गंगा नहर परियोजन स्टेज-2, कनहर सिंचाई परियोजना, महाराजगंज में रोहिन नदी बैराज के पूर्ण होने पर 4.74 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचन क्षमता सृजित होगी जिससे 6.77 लाख कृषक लाभान्वित होंगे।
  • विभिन्न जनपदों में 6,600 राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण, 2100 नवीन राजकीय नलकूपों के निर्माण तथा डार्क जोन में स्थित 569 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण का कार्य प्रगति पर है। 
  • इन कार्यों से लगभग 238 लाख हेक्टेयर सिंचन क्षमता की पुनर्स्थापना होगी तथा लगभग 2.12 लाख कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।
अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाए जाने का लक्ष्य रखा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर बनाए जाने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने 10 सेक्टर में कृषि एवं संवर्गीय सेवाएं, अवस्थापना, उद्योग, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, शिक्षा, पर्यटन, नगर विकास, वित्तीय सेवाएं, ऊर्जा, पूंजी निवेश आदि चिन्हित करते हुए सेक्टरवार कार्ययोजना तैयार की है।

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