Type Here to Get Search Results !

Budget 2025-26: बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा, देखें कौन कौन सी योजनाएं होंगी धरातल पर ?

Sir Ji Ki Pathshala

Budget 2025-26: बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा, देखें कौन कौन सी योजनाएं होंगी धरातल पर ?

Budget 2025-26: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आज 20 फरवरी 2025 को बजट पेश किया गया जिसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा व प्राविधिक शिक्षा के लिए विभिन्न योजनाओं पर विचार करते हुए बजट में पर्याप्त ध्यान दिया गया है। 

बेसिक शिक्षा

  • बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 680 कस्तूरबा गाँधी बालिका विद्यालयों का उच्चीकरण कक्षा - 12 तक करते हुये कमजोर वर्ग की बालिकाओं को कक्षा - 12 तक की निःशुल्क आवासीय शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है।
  • प्रदेश में प्री-प्राइमरी से कक्षा - 12 तक की समेकित शिक्षा के लिये अत्याधुनिक अवस्थापना सुविधाओं के साथ उत्कृष्ट शैक्षणिक परिवेश उपलब्ध कराने हेतु नवीन 57 मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय स्वीकृत किये गये हैं जिनमें से वर्तमान वित्तीय वर्ष में 22 विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है जिसकी निर्माण इकाई लागत 25 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त प्रति विद्यालय 5 करोड़ रुपये की दर से फर्नीचर एवं उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे ।
  • बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • पी०एम० - श्री योजना के अन्तर्गत चयनित विद्यालयों के बच्चों को स्मार्ट शिक्षा से जोड़े जाने हेतु 580 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • समग्र शिक्षा योजना के अन्तर्गत समस्त प्राथमिक विद्यालयों को राज्य निधि से स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किये जाने हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • प्राथमिक विद्यालयों के छात्र - छात्राओं को स्कूल बैंग हेतु 350 करोड़ रुपये, निःशुल्क यूनीफार्म हेतु 168 करोड़ रुपये तथा परिषदीय विद्यालयों एवं सहायता प्राप्त अशासकीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों के परीक्षा शुल्क की प्रतिपूर्ति हेतु लगभग 38 करोड़ रुपये की व्यवस्था रखी गई है।

माध्यमिक शिक्षा

  • समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु 666 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण, विस्तार, विद्युतीकरण एवं भूमि / भवन क्रय हेतु 479 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं के अन्तर्गत पूँजीगत परिसम्पत्तियों के सृजन हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • अत्याधुनिक डिजिटल पुस्तकालय की स्थापना हेतु 80 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • उत्तर प्रदेश सैनिक स्कूल, लखनऊ के निर्माण कार्य हेतु 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था रखी गई है।
  • राजकीय संस्कृत पाठशालाओं के निर्माण के लिये 13 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • माध्यमिक विद्यालयों में संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान किये जाने के लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • पूर्वाचल का प्रथम एवं प्रदेश के दूसरे सैनिक स्कूल जनपद गोरखपुर की स्थापना एवं संचालन किया गया ।
  • एन०सी०सी० प्रशिक्षण अकादमी का जनपद गोरखपुर में निर्माण प्रारम्भ किया जा चुका है जिसके लिये 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • स्पोर्टस फॉर स्कूल कार्यक्रम के अन्तर्गत विद्यालयों में खेलकूद की प्रतिभा विकसित करने के लिये विभिन्न खेलकूद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। हाल ही में सम्पन्न 68वीं राष्ट्रीय स्कूली खेल प्रतियोगिताओं में प्रदेश के बालक बालिकाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये 25 स्वर्ण, 24 रजत, 50 कॉस्य पदक सहित कुल 99 पदक प्राप्त किये ।

उच्च शिक्षा

  • प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान योजना के संचालन हेतु 600 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है ।
  • रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना के अन्तर्गत कालेज जाने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी प्रदान किये जाने हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 100 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है ।
  • विन्ध्यांचल धाम मण्डल में माँ विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना हेतु 50 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
  • प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार हेतु 50 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है।
  • राजकीय महाविद्यालयों के निर्माणाधीन भवनों को पूर्ण किये जाने हेतु 52 करोड़ रूपये की धनराशि प्रस्तावित है ।
  • प्राविधिक शिक्षा
  • प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 184 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 36 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन हैं।
  • राजकीय पालीटेक्निकों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है।
  • राजकीय पॉलीटेक्निकों में नवीन टेक्नोलॉजी से सुसज्जित उन्नयन / सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
  • राजकीय पॉलीटेक्निकों में स्मार्ट क्लास रूम, प्रयोगशालाओं के नवीनीकरण हेतु 10 करोड़ रुपये एवं प्रदेश में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स शिक्षा हेतु सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स की स्थापना के लिये 1 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास

  • वर्तमान व आने वाला समय देश व प्रदेश के विकास की गति में तकनीकी के श्रेष्ठतम उपयोग का दौर होगा जिसके दृष्टिगत यह आवश्यक है कि युवाओं को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया जाये ।
  • वर्तमान में प्रदेश में 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हो रहे हैं जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,90,064 सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं।
  • प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु महिला शाखा भी संचालित कराई जा रही है। प्रदेश में महिलाओं हेतु 12 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतंत्र रूप से संचालित हो रहे हैं।

Tags