Type Here to Get Search Results !

121 उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों में नए सत्र से 12वीं तक होगी पढ़ाई तथा तीन हजार शिक्षकों की होगी तैनाती

Sir Ji Ki Pathshala

उत्तर प्रदेश में संचालित 746 कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में से 648 को इंटरमीडिएट तक अपग्रेड किया जायेगा। प्रथम चरण (अंतिम सत्र) में 125 विद्यालयों को उच्चीकृत एवं लोकार्पण किया गया है। अब नए सत्र 2024-25 में 121 और स्कूल अपग्रेड किए गए हैं। नये सत्र में यहां 9वीं कक्षा में पढ़ाई शुरू हो जायेगी। हाल ही में हुई बैठक में कक्षा नौ में नामांकन को लेकर निर्देश दिये गये हैं।

कस्तूरबा विद्यालयों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को कक्षा एक से आठ तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है। इसके अलावा उन्हें यहां रहने और खाने की सुविधा भी मुहैया कराई जाती है। सरकार ने इनमें से 648 स्कूलों को इंटरमीडिएट तक अपग्रेड करने का फैसला किया है। इसी क्रम में 648 कस्तूरबा विद्यालयों को इण्टरमीडिएट तक उच्चीकृत किया गया।

121 उच्चीकृत कस्तूरबा विद्यालयों में नए सत्र से 12वीं तक होगी पढ़ाई तथा तीन हजार शिक्षकों की होगी तैनाती

  • यहां कक्षा नौ में प्रवेश की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
  • पिछले वर्ष 125 कस्तूरबा विद्यालयों को अपग्रेड किया गया था।

मंजूरी और बजट आदि की व्यवस्था कर ली गई है। चालू सत्र 2024-25 की शुरुआत में 121 को अपग्रेड करने का काम पूरा कर यहां पढ़ाई शुरू करने की तैयारी तेज कर दी गयी है। कई अन्य स्कूलों के उच्चीकृत का काम भी अंतिम चरण में है। इन स्कूलों में 100 की क्षमता वाले छात्रावास, नए शैक्षणिक ब्लॉक, नई कक्षाएँ, विज्ञान और गणित प्रयोगशालाएँ आदि होंगी। हाल ही में कस्तूरबा विद्यालयों के अधिकारियों की हुई ऑनलाइन बैठक में सभी को हॉस्टल, क्लास रूम और लैब के लिए जरूरी सामग्री जल्द से जल्द खरीदने का निर्देश दिया गया है। ताकि जब छात्राओं का दाखिला हो तो पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सके। इसके अलावा कक्षा नौ में नामांकन को लेकर जागरूकता फैलाने और लोगों को जागरूक करने का भी निर्देश दिया गया है।

इन विद्यालयों में पढ़ाई के लिए तीन हजार शिक्षकों की होगी तैनाती

कस्तूरबा विद्यालयों के उच्चीकरण के साथ ही इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई के लिए अतिरिक्त शिक्षकों की भी जरूरत पड़ेगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशालय ने हाल ही में अपग्रेड होने वाले स्कूलों में करीब तीन हजार लेक्चरर (पीजीटी) स्तर की भर्ती के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। इसके अनुसार प्रत्येक उत्क्रमित कस्तूरबा विद्यालय में सात शिक्षकों की आवश्यकता बतायी गयी है। लोकसभा चुनाव के बाद इसे हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।