लखनऊ। उत्तर प्रदेश के विद्यालयों में बार-बार घोषित होने वाले अवकाश को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश एजुकेशनल इंस्टीट्यूट फोरम और अभिभावकों ने स्कूलों में अनावश्यक छुट्टियों पर नियंत्रण लगाने तथा अधिकतम शैक्षणिक कार्यदिवस सुनिश्चित करने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की गई है।
पत्र में अभिभावक धर्मपाल यादव, राजेश कुमार, शाहनवाज एडवोकेट और रोहित गुप्ता सहित अन्य लोगों ने कहा है कि प्रदेश में विभिन्न कारणों से बार-बार विद्यालय बंद होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए मिलने वाला समय कम हो रहा है। खासकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को इसका अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अनावश्यक छुट्टियों पर नियंत्रण लगाने की मांग
पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि अनावश्यक अवकाश पर नियंत्रण लगाया जाए। स्थानीय परिस्थितियों में छुट्टी की आवश्यकता होने पर पूरे जिले के बजाय केवल प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों को बंद किया जाए, ताकि अन्य क्षेत्रों में शैक्षणिक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित होती रहें।
बोर्ड परीक्षाओं से पहले मिले पर्याप्त समय
अभिभावकों ने कहा है कि बोर्ड परीक्षाओं से पहले विद्यार्थियों को अध्ययन, पुनरावृत्ति और परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। बार-बार शैक्षणिक गतिविधियां बाधित होने से विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, परीक्षा परिणाम और भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री से स्थानीय प्रशासन को निर्देश देने की अपील
उत्तर प्रदेश एजुकेशनल इंस्टीट्यूट फोरम और अभिभावकों ने मुख्यमंत्री से संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासनिक आवश्यकताओं और विद्यार्थियों की शिक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
अभिभावकों ने यह भी मांग की है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में विद्यालय बंद होने पर पढ़ाई की क्षतिपूर्ति के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म