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'प्रशस्त ऐप' पर अनिवार्य वीडियो न देखने पर 775 शिक्षकों व कर्मियों का वेतन रुका

Sir Ji Ki Pathshala

श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने विभागीय निर्देशों की अनदेखी और डिजिटल प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने पर कड़ा रुख अपनाया है। श्रावस्ती जिले में 'प्रशासन ऐप' पर निर्धारित 10 अनिवार्य वीडियो न देखने के कारण बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 775 शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया है। विभाग की इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले के बेसिक शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।

शिक्षकों का वेतन रोका (Teachers salary withheld Shravasti)

विभागीय निर्देशों के तहत प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के सभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों के शिक्षण स्टाफ के लिए प्रशासन ऐप पर उपलब्ध 10 प्रशिक्षण वीडियो देखना अनिवार्य किया गया था। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकांक्षा रावत ने बताया कि बार-बार चेतावनी और अग्रिम सूचना दिए जाने के बावजूद सैकड़ों कर्मियों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर इन वीडियो को पूरा नहीं देखा। विभाग ने इसे पदीय दायित्वों की उपेक्षा और उच्चाधिकारियों के आदेशों की खुली अवहेलना मानते हुए वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगाने का फैसला किया।

विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस कार्रवाई की जद में जिले के सभी पांचों विकास खंड आए हैं। इनमें इकौना ब्लॉक के सर्वाधिक 167 कर्मचारी शामिल हैं, जबकि हरिहरपुर रानी से 164, गिलौला से 163, जमुनहा से 161 और सिरसिया ब्लॉक से 120 शिक्षक व संविदाकर्मी प्रभावित हुए हैं। कुल मिलाकर 775 कर्मचारियों का वेतन बाधित किया गया है, जिनमें नियमित सहायक अध्यापकों के अलावा शिक्षामित्र, संविदा अनुदेशक और केजीबीवी का स्टाफ शामिल है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन पर लगी यह रोक केवल औपचारिकता पूरी होने के बाद ही हटाई जाएगी। प्रभावित कर्मियों को सबसे पहले प्रशासन ऐप पर लॉग-इन कर सभी 10 वीडियो पूरे देखने होंगे। प्रशिक्षण पूरा होने पर पोर्टल से जो प्रगति रिपोर्ट तैयार होगी, उसका स्क्रीनशॉट संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को जमा करना होगा। खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा सत्यापन कर रिपोर्ट जिला कार्यालय को भेजने के बाद ही संबंधित कर्मियों का वेतन निर्गत किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने दो-टूक चेतावनी भी दी है कि डिजिटल प्रशिक्षण और प्रशासनिक निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की शिथिलता भविष्य में और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई को आमंत्रित करेगी।

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