प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षक बनने की राह देख रहे अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग' द्वारा आयोजित की जाने वाली जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती परीक्षा-2026 अब पूरी तरह से नए पैटर्न पर होगी। इस भर्ती प्रक्रिया की सबसे बड़ी बात यह है कि परीक्षा में पहली बार नेगेटिव मार्किंग (ऋणात्मक अंकन) की व्यवस्था लागू की जा रही है।
परीक्षा संरचना: 360 अंक और 120 प्रश्न
आयोग द्वारा तैयार की गई नई रूपरेखा के तहत परीक्षा का प्रारूप वस्तुनिष्ठ (Objective) होगा, जिसमें प्रश्नों के अंकों और मार्किंग स्कीम में बड़ा फेरबदल किया गया है:
- कुल प्रश्न: 120
- पूर्णांक: 360 अंक
- प्रति प्रश्न अंक: प्रत्येक सही उत्तर के लिए 3 अंक निर्धारित हैं।
- नेगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर उस प्रश्न के निर्धारित अंक का एक-तिहाई (1/3 अंक यानी 1 अंक) काटा जाएगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से अब अभ्यर्थियों के लिए केवल अधिक प्रश्न हल करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सटीक उत्तर और 'एक्युरेसी' पर विशेष ध्यान देना अनिवार्य होगा।
प्रश्नपत्र का विभाजन: सामान्य अध्ययन और विषय आधारित
नया प्रश्नपत्र दो मुख्य भागों में विभाजित रहेगा, जिससे अभ्यर्थी के सामान्य ज्ञान के साथ-साथ उसके ऐच्छिक विषय पर पकड़ का भी परीक्षण हो सके:
| भाग | विषय | प्रश्नों की संख्या | कुल अंक |
|---|---|---|---|
| भाग - 1 | सामान्य अध्ययन (GS) | 30 प्रश्न | 90 अंक |
| भाग - 2 | संबंधित मुख्य विषय | 90 प्रश्न | 270 अंक |
| कुल | — | 120 प्रश्न | 360 अंक |
1800 से अधिक रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया
प्रदेश भर के एडेड जूनियर हाईस्कूलों में 1800 से अधिक रिक्त पदों को भरने की योजना है। इनमें:
- सहायक अध्यापक: लगभग 1,500 पद
- प्रधानाध्यापक: 300 से अधिक पद
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से प्रधानाध्यापक सहित रिक्त पदों का विवरण आयोग को प्रेषित किया जा चुका है।
लंबे इंतजार के बाद नए सिरे से कवायद
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व वर्ष 2021 में 1,894 पदों के लिए जूनियर एडेड शिक्षक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। हालांकि, विभिन्न विवादों और मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण चयन प्रक्रिया बाधित हो गई थी।
अब नए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के क्रियाशील होने के बाद इस भर्ती को नए नियमों, पारदर्शिता और संशोधित पैटर्न के साथ संपन्न कराने की तैयारी अंतिम चरण में है।
अभ्यर्थियों के लिए नई रणनीति जरूरी
नेगेटिव मार्किंग लागू होने के कारण अब तुक्का प्रणाली पूरी तरह अप्रभावी साबित होगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मुख्य विषय के साथ-साथ सामान्य अध्ययन पर भी समान ध्यान दें और मॉक टेस्ट के माध्यम से नेगेटिव मार्किंग से बचने का नियमित अभ्यास करें।
(नोट: भर्ती से संबंधित तिथियों, विस्तृत पाठ्यक्रम और पात्रता शर्तों के लिए आयोग द्वारा जारी किए जाने वाले आधिकारिक विज्ञापन को ही अंतिम और प्रामाणिक माना जाए।)


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