लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण और शैक्षणिक रूप से पिछड़े विकास खंडों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में कुल 128 'सीएम आवासीय बालिका विद्यालय' स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर लगभग 24.23 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शासन ने पहले चरण में 31 विद्यालयों के भवनों के निर्माण के लिए 751 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर जारी भी कर दिया है।
कक्षा 6 से 12 तक मिलेगी निःशुल्क आवासीय शिक्षा
मुख्यमंत्री आवासीय बालिका विद्यालयों में गरीब परिवारों की बेटियों को कक्षा 6 में प्रवेश दिया जाएगा और वे कक्षा 12 तक निःशुल्क आवासीय शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों की छात्राओं को बेहतर और सुरक्षित माहौल में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
पहले चरण में शामिल प्रमुख जिले और ब्लॉक
पहले चरण के 31 चिन्हित विकास खंडों में विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- कानपुर देहात व कानपुर नगर: अकबरपुर, मालसा, राजपुर, रसूलाबाद, भीतरगांव, घाटमपुर, कल्याणपुर, पतारा, सरसौल, शिवराजपुर और बिल्हौर।
- आगरा, औरैया व बागपत: एत्मादपुर (आगरा), अजीतमल (औरैया), बिनोली व खेकड़ा (बागपत)।
- फतेहपुर, गोरखपुर व हाथरस: देवमई व खजुहा (फतेहपुर), भरोहिया (गोरखपुर) और हाथरस ब्लॉक।
- मैनपुरी, उन्नाव, संतकबीर नगर व वाराणसी: जागीर, कुरावली व मैनपुरी ब्लॉक (मैनपुरी), बीघापुर व सिकंदरपुर कर्ण (उन्नाव), पौली (संतकबीर नगर) और काशी विद्यापीठ ब्लॉक (वाराणसी)।
जल्द भूमि चिन्हित करने के निर्देश
बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव लालमणि यादव ने राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा को जारी बजट के आधार पर तत्काल निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शेष अन्य विकास खंडों में तय मानकों के अनुसार जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित कर शासन को शीघ्र प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।


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