उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के एक दिन का वेतन अवरुद्ध किए जाने के मामलों को लेकर वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालयों की ओर से महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। कन्नौज, अमेठी और गोंडा से जारी पत्रों में अधिकारियों को शासन एवं विभागीय निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जारी पत्र में बताया गया है कि मानव संपदा पोर्टल पर एक दिवसीय वेतन कटौती से संबंधित अवशेष प्रकरणों की संख्या कुल अवशेष मामलों में 50 प्रतिशत से अधिक है। विभागीय निर्देशों के अनुसार जब तक सक्षम स्तर से नियमानुसार आदेश पारित न हो, तब तक वेतन कटौती पर रोक लगाने की बात कही गई है।
यदि किसी शिक्षक या कर्मचारी के अवकाश खाते में अवकाश उपलब्ध है, तो विशेषकर आकस्मिक अवकाश की स्थिति में एक दिन के वेतन की कटौती का कोई औचित्य नहीं पाया जाता है। इसके बावजूद कई मामलों में एक दिन का वेतन अवरुद्ध किए जाने से संबंधित अवशेष देयकों की संख्या बढ़ रही है।
अमेठी और गोंडा के पत्रों में संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के वेतन से एक दिन की कटौती करते समय उच्चाधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही संबंधित प्रकरणों में कर्मचारियों के अवकाश लेखा में उपलब्ध आकस्मिक अवकाश को समायोजित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या है मुख्य निर्देश?
- एक दिन का वेतन रोकने के मामलों की समीक्षा की जाए।
- सक्षम स्तर से नियमानुसार आदेश के बिना वेतन कटौती न की जाए।
- कर्मचारी के अवकाश खाते में अवकाश उपलब्ध होने पर उसका समायोजन किया जाए।
- विशेषकर आकस्मिक अवकाश उपलब्ध होने की स्थिति में वेतन कटौती का औचित्य देखा जाए।
- मानव संपदा पोर्टल पर लंबित अवशेष प्रकरणों का निस्तारण किया जाए।
- उच्चाधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए।




सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म