सचिव, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने शिक्षक-शिक्षिकाओं के जनपदीय स्थानांतरण एवं समायोजन से जुड़े मामलों में लंबित आपत्तियों के निस्तारण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। यह कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की जा रही है।
उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आपत्तियों के निस्तारण के लिए पहले 25 अगस्त 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को 10 सितंबर 2026 तक आपत्तियों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए थे। कुछ जनपदों द्वारा आपत्तियों के निस्तारण से संबंधित पत्रावलियां उपलब्ध करा दी गई हैं, लेकिन शेष जनपदों की पत्रावलियां अभी तक प्राप्त नहीं हुई हैं। परिषद ने इसे गंभीरता से लेते हुए लंबित कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इन जनपदों से उपलब्ध कराई गई पत्रावलियां
मऊ, फतेहपुर, बागपत, आगरा, फिरोजाबाद, बरेली, वाराणसी, गाजीपुर, आजमगढ़, चित्रकूट और सिद्धार्थनगर।
शेष जनपदों को भी आवश्यक कार्रवाई पूरी कर संबंधित पत्रावलियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
परिषद ने उन प्रकरणों के संबंध में भी निर्देश जारी किए हैं, जिनमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की गई थी। जिन मामलों में शिक्षक/शिक्षिका द्वारा सुनवाई का अवसर नहीं चाहा गया है, उनमें संबंधित प्रत्यावेदन/आपत्ति पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जानी है।
इन मामलों में परिषद के 16 अगस्त 2026 को गठित समिति के माध्यम से कार्रवाई करते हुए 18 अगस्त 2026 के पत्र के साथ संलग्न प्रारूप के अनुसार आपत्तियों का निस्तारण कराया जाएगा।
18 अक्टूबर 2026 तक करना होगा आपत्तियों का निस्तारण
परिषद ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे प्रकरणों में आपत्तियों का निस्तारण 18 अक्टूबर 2026 तक सुनिश्चित किया जाए। इसलिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि मामलों को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई पूरी की जाए।
स्थानांतरण एवं समायोजन की कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार
जनपदीय स्थानांतरण/समायोजन से संबंधित समस्त कार्रवाई माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की जा रही है। ऐसे में संबंधित मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और कार्रवाई में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने को कहा गया है।
शिक्षकों के लिए मुख्य बात: स्थानांतरण एवं समायोजन से जुड़े जिन मामलों में आपत्तियां या प्रत्यावेदन लंबित हैं, उनमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निस्तारण की कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से संबंधित मामलों में 18 अक्टूबर 2026 तक आपत्तियों का निस्तारण पूरा करने का निर्देश दिया गया है।


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