लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और शुचितापूर्ण बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। आयोग द्वारा भविष्य में आयोजित की जाने वाली सभी भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन (Aadhaar Verification) अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इस संबंध में आयोग के सचिव हरिकेश चौरसिया की ओर से आधिकारिक आवश्यक सूचना जारी कर दी गई है।
आयोग द्वारा जारी पत्र (संख्या- 215/10/कम्प्यूटर अनुभाग बारह/2025-2026, दिनांक 22 सितम्बर 2026) के अनुसार, परीक्षा प्रणाली को अधिक सुदृढ़ करने और फर्जीवाड़े अथवा मुन्नाभाइयों पर नकेल कसने के उद्देश्य से यह व्यवस्था लागू की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार प्रमाणीकरण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
बायोमैट्रिक डेटा अपडेट कराने की सलाह
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों को स्पष्ट परामर्श दिया है कि वे समय रहते अपने आधार कार्ड और उससे जुड़े बायोमैट्रिक डेटा को अपडेट करा लें। कई बार लंबे समय तक बायोमैट्रिक अपडेट न होने के कारण फिंगरप्रिंट या आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन के मिलान में तकनीकी दिक्कतें आती हैं। सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ऐसी किसी भी विसंगति या असुविधा से बचने के लिए अभ्यर्थियों को अपने नजदीकी आधार सेवा केंद्र पर जाकर विवरण दुरुस्त कराने को कहा गया है।
UPSSSC की इस नई व्यवस्था से वास्तविक अभ्यर्थियों के अधिकारों की रक्षा होगी और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता का स्तर और अधिक मजबूत होगा। आयोग की आगामी भर्ती परीक्षाओं में भाग लेने के इच्छुक सभी उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पूर्व अपने आधार विवरण को पूरी तरह अद्यतन रखें।


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