कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निरीक्षण में अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त रुख, राज्य परियोजना कार्यालय ने जारी की अगस्त माह की रिपोर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में छात्राओं की सुरक्षा, संरक्षा और बुनियादी व्यवस्थाओं को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। आवासीय प्रकृति के इन बेहद संवेदनशील विद्यालयों के नियमित एवं सघन निरीक्षण में जिला स्तरीय अधिकारियों की घोर उदासीनता सामने आई है। समग्र शिक्षा अभियान के अपर राज्य परियोजना निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने माह अगस्त की समीक्षा रिपोर्ट जारी करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को प्रेरणा पोर्टल पर निर्धारित मानकों के अनुरूप नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा सभी डायट प्राचार्यों, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और जिला समन्वयकों को भेजे गए आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि केजीबीवी आवासीय विद्यालय हैं, जहाँ छात्राओं की सुरक्षा अत्यंत संवेदनशील विषय है। शासन के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अधिकारियों द्वारा तय लक्ष्यों के अनुरूप स्थलीय निरीक्षण न करना कार्यों के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
5041 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 1187 निरीक्षण
जारी समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भर के 746 कस्तूरबा विद्यालयों के लिए अगस्त माह में कुल 5041 निरीक्षणों का लक्ष्य तय किया गया था, जिसके सापेक्ष पूरे प्रदेश में मात्र 1187 निरीक्षण ही संपन्न हो सके।
अधिकारियों के स्तर पर निरीक्षण की स्थिति:
- खंड शिक्षा अधिकारी (BEO): 2892 के लक्ष्य के सापेक्ष 573 निरीक्षण
- जिला समन्वयक (DC बालिका शिक्षा): 1492 के लक्ष्य के सापेक्ष 365 निरीक्षण
- डायट प्राचार्य: 292 के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 30 निरीक्षण
- जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA): 292 के लक्ष्य के सापेक्ष 107 निरीक्षण
- मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (AD Basic): 73 के लक्ष्य के सापेक्ष 25 निरीक्षण
- अन्य अधिकारी: कुल 87 निरीक्षण संपन्न हुए
सुल्तानपुर अव्वल, लखनऊ समेत कई जिले फिसड्डी
समीक्षा में जिलों के प्रदर्शन में भारी अंतर देखने को मिला है। सुल्तानपुर जनपद ने 81 के लक्ष्य के सापेक्ष सर्वाधिक 58 निरीक्षण कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। इसके बाद गोंडा में 107 के लक्ष्य पर 54, गोरखपुर में 125 के लक्ष्य पर 43 और अमेठी में 87 के लक्ष्य पर 42 निरीक्षण किए गए।
दूसरी ओर राजधानी लखनऊ सहित कई जनपदों की प्रगति बेहद निराशाजनक रही। लखनऊ में 57 के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 1 निरीक्षण दर्ज किया गया। इसके अलावा इटावा में 21 के सापेक्ष 3, महोबा में 33 के सापेक्ष 4, संभल में 61 के सापेक्ष 4, संतकबीर नगर में 51 के सापेक्ष 5 और कानपुर देहात में 15 के सापेक्ष मात्र 5 निरीक्षण ही हो सके।
प्रेरणा पोर्टल पर तुरंत रिपोर्ट अपलोड करने के आदेश
अपर राज्य परियोजना निदेशक ने जिलावार रिपोर्ट संलग्न करते हुए अधिकारियों को सचेत किया है कि इस कार्य में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी नामित अधिकारी अपने मासिक कोटे के अनुसार विद्यालयों का भौतिक सत्यापन करें और आख्या तत्काल प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज कराएं। इस आदेश की प्रति सभी जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को भी निगरानी के लिए भेजी गई है।





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