Type Here to Get Search Results !

प्राथमिक स्कूलों में बालवाटिका से कक्षा 5 तक टीएलएम के लिए प्रति छात्र ₹60 मिलेंगे।

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई को अधिक रोचक, गतिविधि आधारित और प्रभावी बनाने के लिए शिक्षण अधिगम सामग्री (Teaching Learning Material-TLM) तैयार कराई जाएगी। समग्र शिक्षा के अंतर्गत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए बालवाटिका से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों हेतु टीएलएम के निर्माण और क्रय को लेकर महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

शिक्षण अधिगम सामग्री (Teaching Learning Material-TLM)

इस व्यवस्था के तहत प्रति छात्र ₹60 की दर से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। आदेश में टीएलएम के लिए कुल ₹5636.79240 लाख यानी करीब 56.37 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग गतिविधियों और उपयोगी शिक्षण सामग्री के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराना है।

बालवाटिका से कक्षा 5 तक तैयार होगी टीएलएम

टीएलएम का उपयोग बालवाटिका से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों के शिक्षण-अधिगम को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। शिक्षक अपनी कक्षा और विषय की आवश्यकता के अनुसार ऐसी सामग्री तैयार कर सकेंगे, जिसका सीधे तौर पर बच्चों के सीखने में उपयोग हो।

टीएलएम निर्माण में चार्ट पेपर, आर्टशीट तथा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध उपयोगी सामग्री का प्रयोग किया जा सकता है। इससे स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग होने के साथ-साथ बच्चों को आसपास की वस्तुओं और गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा।

सामग्री ऐसी हो जो बच्चों के लिए उपयोगी और सुरक्षित हो

निर्देशों में टीएलएम तैयार करते समय तीन महत्वपूर्ण बातों पर विशेष जोर दिया गया है। सामग्री में Usability (उपयोगिता), Sustainability (टिकाऊपन) और Availability (उपलब्धता) का ध्यान रखा जाए।

अर्थात ऐसी सामग्री तैयार की जाए, जिसका प्रयोग शिक्षक और बच्चे आसानी से कर सकें, जो पर्याप्त समय तक उपयोगी रहे और जिसे स्थानीय स्तर पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सके।

टीएलएम निर्माण में बच्चों की भी होगी सहभागिता

शिक्षण अधिगम सामग्री केवल खरीदकर रखने के बजाय उसके निर्माण और प्रयोग में छात्र-छात्राओं की सहभागिता को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इससे बच्चों में रचनात्मकता, गतिविधि आधारित सीखने और विषय को समझने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

निर्देशों में यह भी कहा गया है कि प्रभावी शिक्षण के लिए आवश्यकतानुसार एक से अधिक अधिगम गतिविधियों को शामिल किया जाए। तैयार सामग्री को कक्षा में सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से रखने के लिए उचित स्थान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

किन-किन सामग्रियों पर खर्च होगी राशि?

टीएलएम मद की धनराशि से विभिन्न विषयों के लिए उपयोगी शिक्षण सामग्री तैयार अथवा क्रय की जा सकेगी। आदेश में प्रमुख रूप से निम्न सामग्री का उल्लेख किया गया है—

  • फ्लैश कार्ड
  • लर्निंग पोस्टर
  • गणित एवं हिंदी से संबंधित तालिकाएं
  • अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन से संबंधित सामग्री
  • शिक्षण अधिगम से संबंधित आईसीटी सामग्री
  • आकलन ट्रैकर
  • अबेकस
  • चार्ट पेपर एवं चार्ट बोर्ड
  • स्केच पेन और ग्लू
  • पपेट एवं अन्य रचनात्मक सामग्री
  • विषयवार चार्ट और चित्रात्मक सामग्री
  • गतिविधि एवं खेल आधारित शिक्षण सामग्री

लर्निंग पोस्टर की तय स्पेसिफिकेशन

कक्षा 1 से 5 तक के लिए तैयार किए जाने वाले लर्निंग पोस्टर के संबंध में आदेश में A2 Size, 250 GSM Art Paper, Single Side Multi Colour Printing की स्पेसिफिकेशन दी गई है।

सामान्य स्टेशनरी और फर्नीचर पर खर्च नहीं होगी राशि

सरकार ने टीएलएम की धनराशि के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। इस राशि से सामान्य स्टेशनरी के सामान जैसे पेन, इरेजर, रबर, पेन स्टैंड, कॉपी, किताब और परीक्षा की अन्य सामग्री नहीं खरीदी जाएगी।

इसी तरह फर्नीचर, माता इत्यादि स्थायी सामग्री, राजभाषा/साफ-सफाई के सामान, व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं, कपड़े, तिलकदार, शाले, जूते आदि की खरीद पर भी टीएलएम की राशि खर्च नहीं की जा सकेगी।

इसके अलावा ऐसी वस्तुओं की खरीद भी नहीं की जाएगी, जिनका शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रत्यक्ष उपयोग नहीं होता।

UP TLM Budget 2026-27


Top Post Ad

Bottom Post Ad