शाहजहांपुर। पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। रसोइयों को उनके निर्धारित भोजन संबंधी कार्य के अलावा अन्य काम नहीं कराया जाएगा। साथ ही, नामांकन के अनुपात में सरप्लस बताए गए रसोइयों की स्थिति की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए रसोइयों का नवीनीकरण किया जा चुका है। कुछ विद्यालयों में नामांकन के अनुपात के आधार पर सरप्लस रसोइयों को प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। ऐसे मामलों में संबंधित विद्यालयों की स्थिति की पुनः समीक्षा कर शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
निर्देशों के अनुसार, यदि किसी विद्यालय में नामांकन के सापेक्ष आवश्यकता से अधिक रसोइया कार्यरत हैं और किसी रसोइया को प्रतीक्षारत रखा गया है, तो मामले की जांच कर यह सुनिश्चित किया जाना है कि निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन हुआ है।
रसोइयों से सिर्फ भोजन संबंधी कार्य लिया जाएगा
पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों से भोजन बनाने के अलावा अन्य कार्य नहीं लिए जाएंगे। विशेष रूप से विद्यालय परिसर और शौचालय की साफ-सफाई जैसे कार्य रसोइयों से नहीं कराए जाएंगे।
विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई के लिए ग्राम में नियुक्त सफाई कर्मियों की व्यवस्था का पालन किया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सफाई का कार्य संबंधित सफाई कर्मियों के माध्यम से कराया जाएगा।
भोजन वितरण के बाद अनावश्यक रूप से नहीं रोकेंगे
रसोइयों को भोजन तैयार करने और भोजन वितरण के बाद आवश्यक बर्तन तथा रसोई की सफाई पूरी होने के बाद विद्यालय में रोकने का कोई औचित्य नहीं है। यानी निर्धारित काम पूरा होने के बाद उन्हें अनावश्यक रूप से विद्यालय में रोके जाने से बचना होगा।
हालांकि, किसी दिन विशेष आवश्यकता होने पर रोस्टर के अनुसार संबंधित रसोइया को रोका जा सकता है।
गलत तरीके से हटाए गए रसोइयों की होगी समीक्षा
कुछ विद्यालयों में नामांकन के सापेक्ष सरप्लस रसोइयों को गलत तरीके से हटाए जाने की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे मामलों में विद्यालय स्तर पर की गई व्यवस्था की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।


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