लखनऊ। मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर विभागीय कर्मियों द्वारा ऑनलाइन कोर्स पूरा करने की प्रगति को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। प्रमुख सचिव, नियुक्ति एवं कार्मिक की ओर से की जा रही साप्ताहिक समीक्षा में विभाग की प्रगति अत्यंत कम पाई गई है। नए कर्मियों के पंजीकरण के बावजूद निष्क्रिय कर्मियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने पर अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की ओर से सभी जनपदीय एवं विकासखंड स्तरीय कार्यालयाध्यक्षों तथा मिशन कर्मयोगी के नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि पोर्टल पर कर्मियों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा की जाए और लंबित कोर्स जल्द से जल्द पूरे कराए जाएं।
नए कर्मियों का मिशन कर्मयोगी पोर्टल पर पंजीकरण होने के बाद उनसे कम से कम दो कोर्स अनिवार्य रूप से पूरा कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद कर्मी पोर्टल पर सक्रिय रहें और प्रशिक्षण की प्रक्रिया लगातार जारी रखें, इसके लिए संबंधित अधिकारी निगरानी करेंगे।
कार्यालयाध्यक्षों के अधीन मैप किए गए जो कर्मी पोर्टल पर निष्क्रिय हैं, उनकी सूची के आधार पर समीक्षा की जाएगी। ऐसे कर्मियों से संपर्क कर उन्हें पोर्टल पर सक्रिय कराने और कोर्स पूरा कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
यदि किसी कर्मी का स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति या किसी अन्य कारण से विभागीय सेवा से संबंध समाप्त हो चुका है और वह अब सेवा में नहीं है, तो ऐसे कर्मी का मिशन कर्मयोगी पोर्टल से पंजीकरण तत्काल डिलीट कराया जाएगा। इससे पोर्टल पर कर्मियों की वास्तविक स्थिति बनाए रखने में मदद मिलेगी।
सभी विभागीय कर्मियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक कोर्स पूरा करें। संबंधित अधिकारियों को इसकी नियमित समीक्षा करनी होगी, ताकि साप्ताहिक लक्ष्य के अनुसार विभाग की प्रगति में सुधार हो सके।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि निष्क्रिय कर्मियों की सूची संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा रही है। सूची के आधार पर कर्मियों की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सभी जनपदीय एवं विकासखंड स्तरीय कार्यालयाध्यक्षों और मिशन कर्मयोगी के नोडल अधिकारियों को इन निर्देशों का तत्काल प्रभाव से अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।


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