हरदोई। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य को बेहतर बनाने और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए शिक्षकों को उपलब्ध कराए गए टैबलेट्स के उपयोग की अब सख्ती से निगरानी किए जाने की तैयारी है। शासन के निर्देश पर इन टैबलेट्स का डिजिटल ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि टैबलेट का नियमित रूप से विभागीय और शैक्षणिक कार्यों में उपयोग किया जा रहा है या नहीं।
लॉग फाइल और ऐप उपयोग की होगी जांच
डिजिटल ऑडिट के दौरान टैबलेट की लॉग फाइल, स्क्रीन टाइम और ऐप उपयोग की जानकारी की जांच की जाएगी। इसके जरिए यह देखा जाएगा कि शिक्षक टैबलेट का उपयोग डिजिटल लर्निंग, ऑनलाइन उपस्थिति, दीक्षा ऐप, निपुण भारत और स्मार्ट क्लास जैसे विभागीय कार्यों के लिए कर रहे हैं या नहीं।
मनोरंजन के लिए इस्तेमाल करने पर कार्रवाई
यदि जांच के दौरान टैबलेट में सोशल मीडिया, मनोरंजन या अन्य गैर-शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े ऐप पाए जाते हैं अथवा टैबलेट का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए किया जाता है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने की भी कार्रवाई हो सकती है।
इसके अलावा टैबलेट में किसी भी प्रकार का अनधिकृत ऐप डाउनलोड करने या डिवाइस से छेड़छाड़ करने पर भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
हरदोई जिले में कुल 3446 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 2777 विद्यालयों में शिक्षकों के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। विभागीय आंकड़ों में टैबलेट की संख्या 5212 बताई गई है। विद्यालयों को मिले इन टैबलेट्स का उद्देश्य विद्यालयों में डिजिटल माध्यम से शिक्षण कार्य को प्रभावी बनाना तथा विभागीय ऑनलाइन कार्यों को सुगम बनाना है।
केवल विभागीय कार्यों में इस्तेमाल करने के निर्देश
बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रभात मिश्रा ने शिक्षकों को निर्देशित किया है कि उपलब्ध कराए गए टैबलेट का प्रयोग केवल विभागीय एवं शैक्षणिक कार्यों के लिए किया जाए। डिजिटल ऑडिट के दौरान यदि किसी टैबलेट में अनियमितता या गैर-शैक्षणिक उपयोग सामने आता है तो संबंधित शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

