महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश के समस्त जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को विद्यालय परिसरों में संचालित को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों और बालवाटिकाओं में अवस्थापना सुविधाओं के विकास और उनकी रंगाई-पुताई के संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दिशा-निर्देशों के तहत पूर्व प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए विद्यालय परिसर में संचालित आंगनवाड़ी केन्द्रों को लोकेटेड बालवाटिका घोषित किया गया है। इसके तहत सभी को-लोकेटेड आंगनवाड़ी केन्द्रों को आकर्षक रंग-रोगन और प्रिंट रिच वातावरण के साथ क्रियाशील बालवाटिका के रूप में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा विद्यालयों में कम्पोजिट ग्रांट की लिमिट प्रेषित की जा चुकी है, जिससे को लोकेटेड बालवाटिकाओं में स्वच्छता, साज-सज्जा, मरम्मत और रंगाई-पुताई की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी है। कम्पोजिट ग्रांट की धनराशि का उपयोग करते हुए को लोकेटेड बालवाटिका कक्ष की रंगाई-पुताई और प्रिंट रिच वातावरण का सृजन 15 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने को कहा गया है।
इसके साथ ही, स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में बालवाटिका के बच्चों को भी शामिल किया जाएगा और स्थानीय समुदाय को आमंत्रित कर पूर्व प्राथमिक शिक्षा की उपलब्धता से अवगत कराया जाएगा।



