लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्कूल स्तर से ही प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने के लिए एक बेहद अनूठी और दूरदर्शी पहल की है। अब प्रदेश के इंटरमीडिएट (कक्षा 11वीं और 12वीं) के विद्यार्थियों को सीधे युवा IAS, IPS और IFS अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
मुख्य सचिव एसपी गोयल द्वारा इस संबंध में 'शीर्ष प्राथमिकता' के आधार पर शासनादेश जारी कर दिया गया है, जिसे सभी जिलाधिकारियों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
शासनादेश की मुख्य बातें:
- अनिवार्य दौरा: हर अधिकारी को प्रत्येक माह कम-से-कम एक इंटरमीडिएट स्कूल का दौरा करना अनिवार्य होगा।
- सभी स्कूलों पर लागू: यह नियम केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है, बल्कि अशासकीय, वित्तविहीन और निजी (प्राइवेट) स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा।
- रोस्टर प्रणाली: सभी जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को हर महीने अधिकारियों का एक कार्य शेड्यूल (रोस्टर) तैयार करना होगा।
- संवाद शैली: दौर के दौरान औपचारिक भाषणबाजी से बचा जाएगा, बल्कि छात्रों के साथ सीधे सवाल-जवाब (Interactive Session) पर विशेष जोर रहेगा।
त्रिस्तरीय ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग व्यवस्था
योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक मजबूत त्रिस्तरीय ट्रैकिंग व्यवस्था बनाई गई है:
- मासिक रिपोर्ट: प्रत्येक माह की 05 तारीख तक शासन को अनिवार्य रूप से रिपोर्ट भेजनी होगी।
- विवरण: इसमें स्कूल का नाम, दौरा करने वाले अधिकारी का नाम, चर्चा का विषय और छात्रों से मिले सुझावों का पूरा ब्योरा माध्यमिक शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा।
- समीक्षा: जिलाधिकारी स्वयं इसकी समीक्षा करेंगे, साथ ही मंडल स्तर पर मंडलायुक्त (Commissioner) इसकी मॉनिटरिंग करेंगे।
किन विषयों और परीक्षाओं पर रहेगा फोकस?
यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के समग्र विकास और कॅरियर प्लानिंग पर केंद्रित है:
- प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाएं: यूपीएससी (UPSC), यूपीपीएससी (UPPSC), यूपीएसएसएससी (UPSSSC), एसएससी (SSC), एनडीए (NDA), आईआईटी-जेईई (IIT-JEE), नीट (NEET), सीयूईटी (CUET) और यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं के लिए टिप्स।
- कॅरियर कौशल: कॅरियर प्लानिंग, टाइम मैनेजमेंट, लक्ष्य निर्धारण (Goal Setting) और प्रभावी अध्ययन तकनीक।
- व्यावहारिक शिक्षा: वित्तीय साक्षरता (Financial Literacy), संचार कौशल (Communication Skills), बिजनेस मैनेजमेंट, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति और तनाव प्रबंधन (Stress Management)।
- सरकारी योजनाएं और अवसर: केंद्र व राज्य सरकार की युवाओं से जुड़ी प्रमुख योजनाएं, उद्यमिता (Entrepreneurship) और स्टार्ट-अप के अवसरों की जानकारी।
इस ऐतिहासिक कदम से न केवल सरकारी और निजी स्कूलों के छात्रों के बीच की खाई कम होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक अनुभव साझा होने से युवाओं का आत्मविश्वास भी तेजी से बढ़ेगा।


