सीतापुर जिले में मिड-डे मील (MDM) योजना को लेकर हाल ही में सामने आई एक वायरल घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच जिलाधिकारी द्वारा नया आदेश जारी किया गया है, जिसमें जांच प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
जारी आदेश के अनुसार अब सभी जिला स्तरीय अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे किसी एक प्राथमिक या कम्पोजिट विद्यालय में जाकर मिड-डे मील की जांच करें। खास बात यह है कि अधिकारियों को केवल निरीक्षण ही नहीं, बल्कि बच्चों के साथ बैठकर भोजन करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि भोजन की वास्तविक गुणवत्ता का आकलन हो सके।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कुछ प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान देना होगा। इसमें विद्यालय में उपस्थित छात्रों की संख्या, उस दिन बने भोजन का विवरण, भोजन की गुणवत्ता और स्वाद, तथा बच्चों के साथ भोजन करते समय की फोटो शामिल है। इन सभी तथ्यों को संकलित कर उसी दिन शाम तक रिपोर्ट भेजना अनिवार्य किया गया है।
प्रशासन द्वारा फोटो साक्ष्य को भी अनिवार्य किया गया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निरीक्षण वास्तविक रूप से किया गया है। इससे निगरानी प्रणाली मजबूत होगी और किसी प्रकार की लापरवाही की संभावना कम हो जाएगी।


