उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने ग्राम सचिवालयों में लेखपालों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को नया निर्देश जारी किया है। आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब लेखपालों के लिए नए सिरे से रोस्टर तैयार कर ग्राम सचिवालयों में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आम जनता के कार्यों का समयबद्ध और सुचारु निस्तारण हो सके।
पत्र में बताया गया है कि पूर्व में 25 जून 2026 को जारी निर्देशों के अनुपालन में कई स्थानों पर लेखपालों को एक से अधिक हल्कों का प्रभार होने के कारण ग्राम सचिवालय में नियमित रूप से बैठने में कठिनाई आ रही थी। इस समस्या को देखते हुए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।
नई व्यवस्था के प्रमुख बिंदु
- जिन लेखपालों के पास दो हल्कों का प्रभार है, वे प्रत्येक हल्के के ग्राम सचिवालय में सप्ताह में कम से कम एक दिन बैठेंगे।
- जिन लेखपालों के पास दो से अधिक हल्कों का प्रभार है, वे दो सप्ताह में प्रत्येक हल्के में कम से कम एक दिन उपस्थित रहेंगे।
- अपरिहार्य परिस्थितियों में पूरे कार्यदिवस के स्थान पर सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक ग्राम सचिवालय में बैठना अनिवार्य होगा।
- इस अवधि में लेखपाल अपने सभी राजस्व एवं जनसामान्य से जुड़े कार्यों का निस्तारण करेंगे।
- सभी जिलाधिकारी उपरोक्त निर्देशों के अनुरूप नए सिरे से रोस्टर जारी कर व्यवस्था का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।
जनता को होगा लाभ
नई व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, भूमि अभिलेख, नामांतरण तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए लेखपाल आसानी से उपलब्ध होंगे। इससे ग्राम सचिवालयों की उपयोगिता बढ़ेगी और लोगों को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।


