बरेली: बेसिक शिक्षा विभाग के औचक निरीक्षण के दौरान दो प्राथमिक विद्यालयों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। निरीक्षण के दौरान एक विद्यालय के प्रधानाध्यापक वीडियो कॉल पर अपने घर पर मिले, जबकि विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में उनके हस्ताक्षर दर्ज पाए गए। इस मामले को गंभीर मानते हुए बीएसए ने जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को बीएसए डॉ. विनीता ने बिथरी चैनपुर विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय किशनसिंहपुर और प्राथमिक विद्यालय बैनीपुर सादात का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों की साफ-सफाई, छात्र उपस्थिति, अभिलेखों और मध्याह्न भोजन व्यवस्था की जांच की गई।
प्राथमिक विद्यालय किशनसिंहपुर में सभी शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन रसोईघर में कूड़ा-करकट जमा होने के कारण मध्याह्न भोजन दूषित होने की आशंका व्यक्त की गई। बीएसए ने तत्काल सफाई कराने के निर्देश देते हुए विद्यालय परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा।
वहीं, प्राथमिक विद्यालय बैनीपुर सादात में निरीक्षण के दौरान प्रधानाध्यापिका, दो सहायक अध्यापक तथा दो शिक्षामित्र अनुपस्थित मिले। सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब उपस्थिति पंजिका में प्रधानाध्यापिका के हस्ताक्षर दर्ज थे, लेकिन वीडियो कॉल करने पर वे अपने घर पर मौजूद मिलीं। बीएसए ने इसे फर्जी हस्ताक्षर का मामला मानते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान एमडीएम से संबंधित अभिलेख भी उपलब्ध नहीं मिले। छात्र उपस्थिति रजिस्टर में 66 विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज थी, जबकि मौके पर केवल 22 छात्र ही उपस्थित मिले। पूर्व की तिथियों में भी 70 से अधिक विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज किए जाने पर संदेह जताया गया है।
इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापिका एवं संबंधित सहायक अध्यापकों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है। साथ ही अनुपस्थित शिक्षामित्रों का निरीक्षण दिवस का मानदेय रोकने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
बीएसए ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिए हैं कि छात्र नामांकन एवं वास्तविक उपस्थिति बढ़ाने, विद्यालयों में स्वच्छता बनाए रखने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सभी अभिलेखों का सही ढंग से संधारण करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।


