नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े बहुचर्चित मामले में 21 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। संयुक्त लीगल टीम 69000 द्वारा साझा किए गए अपडेट के अनुसार, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विभिन्न पक्षों की दलीलें सुनीं और मामले में आगे की सुनवाई के लिए सभी पक्षों को Written Submission (लिखित सबमिशन) दाखिल करने का निर्देश दिया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को होगी।
सुनवाई की शुरुआत में वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना ने यह मुद्दा उठाया कि पूर्व में डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए आदेश में कार्यरत शिक्षकों को पक्षकार बनाए बिना और उनका पक्ष सुने बिना निर्णय दिया गया था। इस पर कोर्ट ने भी संकेत दिया कि जिनकी नौकरी प्रभावित हो सकती है, उन्हें सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। बताया गया कि इस पहलू पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच भी चर्चा हुई।
इसके बाद सुनवाई के दौरान जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले पर भी बहस हुई। कोर्ट के समक्ष प्रमाण पत्रों की वैधता से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिस पर आगे भी सुनवाई जारी रहेगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ भटनागर ने कोर्ट के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि संबंधित अभ्यर्थियों को आरक्षण का लाभ पहले ही मिल चुका है, इसलिए दोबारा आरक्षण का दावा उचित नहीं है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ताओं को प्राथमिकता से सुना जाए।
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी पक्ष रखा गया। सरकार की ओर से अधिवक्ता ने लिखित सबमिशन दाखिल करने की अनुमति मांगी, जिस पर कोर्ट ने सभी पक्षों को अपना-अपना Written Submission दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद मामले की विस्तृत सुनवाई अगली तारीख पर होगी।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। अब सभी पक्ष 28 जुलाई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई का इंतजार कर रहे हैं, जहां लिखित सबमिशन के आधार पर आगे की बहस होगी।
सुनवाई के प्रमुख बिंदु
- 21 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
- संयुक्त लीगल टीम 69000 ने सुनवाई का अपडेट साझा किया।
- वरिष्ठ अधिवक्ता वी. मोहना ने कार्यरत शिक्षकों को बिना सुने दिए गए पुराने आदेश का मुद्दा उठाया।
- कोर्ट ने संकेत दिया कि प्रभावित पक्षों को सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए।
- जाति प्रमाण पत्र की वैधता से जुड़े मामले पर भी सुनवाई हुई।
- वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ भटनागर ने आरक्षण लाभ को लेकर अपना पक्ष रखा।
- कोर्ट ने सभी पक्षों को Written Submission दाखिल करने का निर्देश दिया।
- उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी लिखित सबमिशन दाखिल करने की अनुमति मांगी गई।
- अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) को होगी।
- अभी कोई अंतिम फैसला नहीं आया है।


