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यूपी शिक्षक भर्ती: सत्यापन के बाद खाली पदों की संख्या 24 हजार के पार, अल्पसंख्यक कॉलेजों का ब्योरा जल्द

Sir Ji Ki Pathshala

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है। प्रदेश के 4,512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों के चल रहे सत्यापन (वेरिफिकेशन) के बाद खाली पदों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही इस कवायद में अब रिक्तियों की कुल संख्या लगभग 24 हजार (23,798) तक पहुंच गई है।

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​दोबारा सत्यापन से बढ़े करीब 600 पद

​गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले माध्यमिक शिक्षा विभाग ने नवगठित 'उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग' को 23,213 रिक्त पदों का ब्योरा भेजा था। हालांकि, कई स्कूलों के प्रबंधकों द्वारा सभी खाली पदों की सही जानकारी न दिए जाने की आशंका थी।

​इसके बाद शिक्षा निदेशालय ने गंभीरता दिखाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) के माध्यम से पदों का दोबारा सत्यापन कराया। इस दोबारा जांच में 585 नए खाली पद और सामने आए, जिससे कुल संख्या बढ़कर 23,798 हो गई है। शिक्षा निदेशालय अब इन पदों का पूरा विवरण चयन आयोग के पोर्टल पर अपलोड कर रहा है। अधिकारियों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में यह संख्या और भी बढ़ सकती है।

​पहले चरण में भेजे गए पदों का वर्गीकरण:

  • ​सहायक अध्यापक (TGT): 16,114 पद
  • ​प्रवक्ता (PGT): 2,705 पद
  • ​सहायक अध्यापक (संबद्ध प्राइमरी): 1,889 पद
  • ​प्रधानाचार्य: 1,502 पद
  • ​प्रधानाध्यापक: 1,003 पद

​अल्पसंख्यक कॉलेजों में भी आयोग के जरिए होगी भर्ती

​प्रदेश के 319 अशासकीय सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों के खाली पदों को लेकर भी स्थिति साफ हो गई है। इन स्कूलों के रिक्त पदों का ब्योरा अलग से भेजा जाएगा।

​क्या है विवाद और सुप्रीम कोर्ट का फैसला?

साल 2017 में सरकार बदलने के बाद, 2018 में अल्पसंख्यक स्कूलों में प्रबंधकों द्वारा सीधे होने वाली शिक्षक भर्तियों पर रोक लगा दी गई थी। इसके खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ी। आखिरकार, सुप्रीम कोर्ट ने अल्पसंख्यक संस्थाओं के मूल अधिकारों व नियमावली को सुरक्षित रखते हुए, नए चयन आयोग के माध्यम से ही योग्य शिक्षकों की भर्ती कराए जाने के फैसले को सही ठहराया है।

​अब इन अल्पसंख्यक विद्यालयों के खाली पदों का डेटा भी जल्द ही आयोग को मिल जाएगा, जिससे कुल रिक्तियों की संख्या में और भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। प्रतियोगी छात्र उम्मीद लगा रहे हैं कि पदों के इस अंतिम सत्यापन के बाद आयोग जल्द ही नई भर्ती का विज्ञापन जारी करेगा।

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