लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में जल्द ही एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिलेगा। प्रदेश के विभिन्न ब्लॉकों में तैनात लगभग 140 खंड शिक्षाधिकारियों (BEO) के तबादले की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को मंजूरी के लिए भेज दिया है। शासन से हरी झंडी मिलते ही तबादला सूची जारी कर दी जाएगी।
वार्षिक स्थानांतरण नीति के तहत हो रही कार्रवाई
यह पूरी कवायद प्रदेश सरकार की वार्षिक स्थानांतरण (तबादाला) नीति के तहत की जा रही है। मौजूदा नीति के मुताबिक, किसी भी विभाग में कुल पदों के अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जाने का नियम लागू है। शिक्षा निदेशालय ने इसी तय सीमा को ध्यान में रखते हुए लगभग 140 अधिकारियों की सूची तैयार की है, जो इस दायरे में आ रहे हैं।
रडार पर लंबे समय से एक ही जगह जमे अफसर
इस बार के तबादलों में मुख्य रूप से उन खंड शिक्षाधिकारियों को निशाना बनाया गया है, जो लंबे समय से एक ही जिले या क्षेत्र में जमे हुए हैं।
- मंडल और जिलों में बदलाव: नीति के अनुसार, एक ही जिले में तय अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को अब दूसरे जिलों या फिर दूसरे मंडलों में भेजा जाएगा।
- पारदर्शिता पर जोर: इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य शैक्षिक और प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और जमीनी स्तर पर स्कूली शिक्षा की मॉनिटरिंग को और अधिक मजबूत करना है।
शासन की मंजूरी का इंतजार
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय द्वारा भेजे गए इस प्रस्ताव का शासन स्तर पर बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। माना जा रही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय और शिक्षा मंत्री की अंतिम सहमति मिलते ही तबादला आदेश आधिकारिक रूप से जारी कर दिए जाएंगे। इस संभावित फेरबदल को लेकर विभाग के भीतर भी सरगर्मी तेज हो गई है।


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