उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ ने शैक्षिक अभिलेखों (मार्कशीट/सर्टिफिकेट) में त्रुटि सुधार, जन्मतिथि संशोधन, माइग्रेशन और द्वितीय प्रति (Duplicate Copy) प्राप्त करने के नियमों को सख्त कर दिया है। 24 जून 2026 को परिषद के सचिव ओ० पी० त्रिपाठी द्वारा प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) को इस संबंध में विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अब किसी भी प्रकार का संशोधन केवल निर्धारित प्रपत्रों पर ही स्वीकार किया जाएगा और इसके लिए तय शुल्क का बैंक ड्राफ्ट देना अनिवार्य होगा।
परिषद के संज्ञान में आया था कि जनपद स्तर पर बनाए गए नोडल केंद्रों और विद्यालय के प्रधानाचार्यों द्वारा परीक्षा आवेदन पत्रों की ठीक से जांच नहीं की जा रही है। छात्र विवरण की भली-भांति जांच किए बिना ही आवेदन पत्र परिषद कार्यालय को भेज दिए जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, परीक्षाफल घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आती हैं, जिससे छात्रों और अभिभावकों को संशोधन के लिए अनावश्यक रूप से परिषद के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसी समस्या को रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
विद्यालयों और अधिकारियों को दिए गए कड़े निर्देश
आदेश में स्पष्ट रूप से निम्नलिखित व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं:
- नोडल केंद्रों पर सख्ती: जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) जनपद स्तर पर नोडल केंद्र निर्धारित कर आवेदन पत्रों की भली-भांति जांच सुनिश्चित कराएंगे।
- विद्यालय स्तर पर जांच टीम: स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि पंजीकरण शुरू होने से पहले वरिष्ठ अध्यापकों की एक टीम गठित की जाए। यह टीम छात्र विवरण की बारीकी से जांच करेगी ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।
- केवल निर्धारित प्रपत्र पर होगा काम: प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि वे संशोधन, माइग्रेशन या द्वितीय प्रति के आवेदन केवल 'निर्धारित प्रपत्र' पर ही वांछित दस्तावेजों के साथ परिषद कार्यालय को भेजें।
- संस्था प्रधान की होगी जिम्मेदारी: यदि आवेदन निर्धारित प्रपत्र पर प्राप्त नहीं होता है, तो परिषद द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और इसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संस्था प्रधान (Principal) का होगा।
संशोधन और द्वितीय प्रति के लिए निर्धारित शुल्क (बैंक ड्राफ्ट द्वारा)
आदेश के साथ परिषद ने विभिन्न वर्षों के शैक्षिक अभिलेखों में संशोधन और उनकी दूसरी कॉपी प्राप्त करने के लिए शुल्क भी निर्धारित कर दिया है, जो बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से देय होगा:
नीचे दी गई जानकारी को साफ़-सुथरी टेबल में प्रस्तुत किया गया है:
| शुल्क का प्रकार | समयावधि (वर्ष) | शुल्क की धनराशि |
|---|---|---|
| संशोधन शुल्क | 2002 से 2005 तक | ₹2,500/- |
| संशोधन शुल्क | 2006 से 2010 तक | ₹2,000/- |
| संशोधन शुल्क | 2011 से 2015 तक | ₹1,500/- |
| संशोधन शुल्क | 2016 से 2020 तक | ₹1,200/- |
| द्वितीय प्रति शुल्क | प्रति शैक्षिक अभिलेख (सभी के लिए) | ₹500/- |
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परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों से अनुरोध किया है कि वे अपने जनपद में संचालित सभी संस्कृत माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधानों को इन निर्देशों से अवगत कराएं ताकि समय सीमा के भीतर निर्धारित प्रारूप में ही प्रकरण भेजे जा सकें।



