उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के समायोजन और पदोन्नति के समय अक्सर पुराने शासनादेशों का संदर्भ लिया जाता है। ऐसा ही एक बेहद महत्वपूर्ण और पुराना आदेश शिक्षक संघ के पदाधिकारियों (ब्लॉक इकाई के अध्यक्ष और मंत्री) के हित से जुड़ा है। 2013 में जारी इस शासनादेश के अनुसार, इन पदाधिकारियों का समायोजन या पदोन्नति उनके कार्यरत ब्लॉक में ही किए जाने का स्पष्ट प्रावधान है।
यहाँ सर जी को पाठशाला में इस पुराने लेकिन अहम आदेश का विस्तृत विवरण दिया गया है:
क्या था 2013 का यह महत्वपूर्ण आदेश?
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की मांग पर विचार करते हुए, बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने 20 सितंबर 2013 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया था। प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को भेजे गए इस पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया गया था कि शिक्षक प्रतिनिधियों की तैनाती हर हाल में उनके वर्तमान ब्लॉक में ही सुनिश्चित की जाए।
यदि शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष या मंत्री का विभागीय समायोजन (Adjustment) या पदोन्नति (Promotion) होती है, तो उन्हें किसी अन्य ब्लॉक में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें उसी ब्लॉक क्षेत्र के भीतर ही तैनाती दी जाएगी जहाँ वे वर्तमान में कार्यरत हैं।
2006 की मूल व्यवस्था का किया गया था अनुपालन
20 सितंबर 2013 के इस आदेश के माध्यम से कोई नया नियम नहीं बनाया गया था, बल्कि 05 जनवरी 2006 को परिषद द्वारा जारी किए गए एक पूर्व शासनादेश की व्यवस्था को ही कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ब्लॉक स्तर के प्रतिनिधि बिना किसी भौगोलिक बाधा के अपने प्रशासनिक और संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन सुचारु रूप से कर सकें।
इस पुराने आदेश की मुख्य बातें एक नज़र में
- विशेष सुविधा: शिक्षक संघ के अध्यक्ष एवं मंत्री (ब्लॉक इकाई) को स्थानांतरण एवं समायोजन में विशेष छूट।
- कार्यरत ब्लॉक में ही तैनाती: पदोन्नति या समायोजन की स्थिति में उन्हें उनके वर्तमान ब्लॉक के भीतर ही रखा जाएगा।
- पूर्व आदेश का हवाला: सचिव द्वारा सभी बीएसए को 05.01.2006 की पुरानी व्यवस्था को पुनः लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
- संगठनात्मक हित: यह आदेश शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों के प्रशासनिक कार्यों को सुगम बनाने के लिए जारी किया गया था।
वर्तमान में इस आदेश की प्रासंगिकता
भले ही यह शासनादेश वर्षों पुराना हो चुका है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग में जब भी शिक्षकों के समायोजन, स्थानांतरण या पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू होती है, तो शिक्षक संगठनों और पदाधिकारियों द्वारा इस आदेश का प्रमुखता से हवाला दिया जाता है। आज भी यह पत्र शिक्षक प्रतिनिधियों के अधिकारों और उनके कार्यक्षेत्र को सुरक्षित रखने का एक मजबूत आधार माना जाता है।


