पेंशन कोष नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़ने वाले नए निवेशकों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। PFRDA ने नए ग्राहकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को तेज, सरल और पूरी तरह ऑनलाइन बनाने के लिए एक नया डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘स्टार एनपीएस’ (STAR NPS) शुरू किया है। इस पहल के बाद अब एनपीएस खाता खोलने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई और जटिल प्रक्रियाओं से मुक्ति मिल जाएगी।
क्या है 'स्टार एनपीएस' और कैसे काम करेगा?
स्टार एनपीएस एक पूरी तरह से कागज रहित (Paperless) और डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे बीएसई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड (BTPL) द्वारा विकसित किया गया है। वर्तमान में इस सुविधा का लाभ अधिकृत सेवा केंद्रों (PoP) और पेंशन एजेंटों के माध्यम से उठाया जा सकता है।
- डिजिटल सत्यापन: इस प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों का वेरिफिकेशन सेंट्रल केवाईसी (C-KYC) या डिजिलॉकर (Digilocker) के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा।
- सीधा जुड़ाव: यह प्लेटफॉर्म सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी (CRA) और ट्रस्टी बैंक से सीधे जुड़ा हुआ है।
- तुरंत प्रान (PRAN) जनरेशन: जैसे ही ग्राहक अपनी औपचारिकताएं पूरी कर पहला योगदान (Contribution) जमा करेगा, वह राशि सीधे ट्रस्टी बैंक को चली जाएगी। भुगतान की पुष्टि होते ही CRA प्रणाली द्वारा तुरंत स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (PRAN Number) जारी कर दिया जाएगा।
खाता खोलने के लिए पात्रता और शुल्क
इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए खाता खुलवाने से जुड़ी मुख्य शर्तें और शुल्क निम्नलिखित हैं:
- कौन कर सकता है आवेदन: वर्तमान में यह डिजिटल सुविधा केवल भारत में रहने वाले नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
- आयु सीमा: इसका लाभ उठाने के लिए निवेशक की उम्र 18 वर्ष से लेकर 85 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- खाता खोलने का शुल्क: स्टार एनपीएस प्लेटफॉर्म के माध्यम से नया खाता खुलवाने पर ₹200 और लागू टैक्स का भुगतान करना होगा।
निवेशकों को मिलेंगे ये बड़े फायदे
विशेषज्ञों के अनुसार, 'स्टार एनपीएस' के आने से निवेशकों को कई तरह के लाभ मिलेंगे:- पूरी स्वतंत्रता: डिजिटल प्रक्रिया होने के बावजूद निवेशकों को अपने पसंदीदा पेंशन फंड मैनेजर (PFM), निवेश के विकल्प और निवेश वितरण चुनने की पूरी आजादी होगी।
- गलतियों की कम संभावना: ऑनलाइन और पूरी तरह डिजिटल होने के कारण आवेदन में होने वाली मानवीय त्रुटियां (गलतियां) बेहद कम हो जाएंगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच: इस डिजिटल प्लेटफॉर्म की मदद से छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोग भी बिना किसी परेशानी के घर बैठे इस योजना से जुड़ सकेंगे।
- पारदर्शिता: दस्तावेज जमा करने और वेरिफिकेशन में लगने वाला समय घटने से पूरी प्रक्रिया अधिक व्यक्तिगत, सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।


