लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से 'समग्र शिक्षा' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय, लखनऊ द्वारा जारी आधिकारिक आदेश (1000138335.jpg) के अनुसार, राज्य के चयनित 'पीएम श्री' (PM SHRI) विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और शिक्षकों को देश के उत्कृष्ट संस्थानों में 5-दिवसीय विशेष आवासीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।
NEP अनुपालन और वार्षिक कार्ययोजना (2026-27)
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 'पीएम श्री' योजना के अंतर्गत चयनित विद्यालयों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के पूर्णतः अनुकूल (Compliant) मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक गतिविधियों का इस प्रकार संचालन किया जाना प्रस्तावित है कि ये अन्य सामान्य सरकारी विद्यालयों के लिए रोल मॉडल (अनुकरणीय उदाहरण) बन सकें।
इसी क्रम में, वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट वर्ष 2026-27 में प्राप्त स्वीकृति के तहत 'प्रोजेक्ट इनोवेशन' मद से प्रदेश के विभिन्न जनपदों से कुल 150 उत्कृष्ट शिक्षकों व प्रधानाध्यापकों का चयन किया गया है। प्रत्येक जनपद से अनिवार्य रूप से 02 शिक्षकों को इस अनूठे प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जा रहा है।
प्रशिक्षण के मुख्य आकर्षण एवं विषय क्षेत्र
इस पांच-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य फोकस शिक्षकों की बहुमुखी प्रतिभा और आधुनिक शिक्षण कौशल का विकास करना है। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान की जाएगी:
- आई०सी०टी० एवं डिजिटल शिक्षा (ICT & Digital Education): कक्षाओं में आधुनिक तकनीक, स्मार्ट बोर्ड और ई-लर्निंग टूल्स का प्रभावी उपयोग।
- लीडरशिप व विद्यालय प्रबंधन: प्रधानाध्यापकों के लिए कुशल नेतृत्व, टीम बिल्डिंग और संस्थान प्रबंधन के गुर।
- शिल्प, ड्राइंग, पेंटिंग और कला: छात्रों की रचनात्मकता को निखारने के लिए आर्ट-इंटीग्रेटेड लर्निंग (Art-Integrated Learning)।
- समोपयोगी उत्पादक कार्य (SUPW) व कार्यानुभव: विद्यार्थियों को व्यावहारिक और व्यावसायिक कौशल से जोड़ना।
- संगीत एवं सांस्कृतिक विधाएं: सह-पाठ्यचर्या गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का मानसिक व भावनात्मक विकास।


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