Type Here to Get Search Results !

जनगणना कार्य में गड़बड़ी पर निदेशालय सख्त, संदिग्ध मकानों की सूची की होगी दोबारा जांच

Sir Ji Ki Pathshala

नोएडा: नोएडा शहरी क्षेत्र में जनगणना के पहले चरण के तहत मकानों की सूचीकरण और गणना का कार्य पूरा होने के बाद अब इसकी शुद्धता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जनगणना निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी इस कार्य से संतुष्ट नहीं हैं और उन्होंने इसमें पाई गई विसंगतियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। निदेशालय ने नोएडा प्राधिकरण से इस पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

​5 बिंदुओं पर खंगाला जाएगा 1200 HLB का रिकॉर्ड

​प्राधिकरण का अमला अब पांच विशेष बिंदुओं के आधार पर दोबारा 1200 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (एचएलबी) के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच करेगा। जनगणना निदेशालय के जॉइंट डायरेक्टर ने भारसाधन (चार्ज) अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए 17 जून तक शत-प्रतिशत सत्यापित एचएलबी की रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।

​इसके तहत आज से ओएसडी (OSD) और जनरल मैनेजरों को भी धरातल पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए मैदान में उतारा जाएगा।

​तय समय से पहले हुआ था काम, फिर क्यों उठी जांच की मांग?

​नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र में 22 मई से मकानों की गणना और ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसे तय समय से पहले ही पूरा कर लिया गया था। हालांकि, निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों को काम के शुद्धीकरण (सटीकता) पर संदेह है।

​भारसाधन (चार्ज) अधिकारी इंदु प्रकाश के अनुसार, प्रथम चरण का काम पूरा होने के बाद निदेशालय द्वारा पांच बिंदुओं के आधार पर 1200 ऐसे संदिग्ध मकानों को चिह्नित किया गया है, जिनका सत्यापन दोबारा किया जाना बेहद जरूरी है।

​इन मानकों पर होगी डेटा की री-चेकिंग:

​जांच के लिए जिन मुख्य बिंदुओं को आधार बनाया गया है, वे इस प्रकार हैं:

  • ​जिन मकान सूचीकरण ब्लॉकों में खाली मकानों की संख्या 30 से अधिक है।
  • ​जहां कुल जनसंख्या 300 से कम दर्ज की गई है।
  • ​जिस एचएलबी (HLB) में मकानों की कुल संख्या 70 से कम है।
  • ​जिन ब्लॉकों में बंद मकानों की संख्या 30 से ज्यादा पाई गई है।

​इन सभी संदेहास्पद ब्लॉकों में चार्ज अधिकारियों द्वारा दोबारा कवरेज और डेटा की गुणवत्ता के आधार पर नई रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

​अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किया सत्यापन

​इस विसंगति की गंभीरता को देखते हुए जनगणना निदेशालय के जॉइंट डायरेक्टर एस.एस. शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर अभिमन्यु और वरिष्ठ शोध अधिकारी प्रदीप खुद नोएडा पहुंचे। उन्होंने प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक प्रदीप साहू, प्रबंधक दीपक और प्रगणक सुधीर के साथ-साथ सुपरवाइजरों को लेकर 'वर्क सर्किल-चार' के विभिन्न क्षेत्रों में ऑन-स्पॉट (मौके पर) जाकर मकानों की गणना का भौतिक सत्यापन किया।

​17 जून तक इस सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन ठीक करके फाइनल रिपोर्ट जनगणना निदेशालय को भेज दी जाएगी, ताकि डेटा में किसी भी तरह की त्रुटि न रहे।

Noida census verification team inspection