लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का लाभ ले रहे सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। योजना के तहत पंजीकृत जिन कर्मचारियों के डेटा में आधार संख्या की त्रुटि हो गई है, उन्हें विभाग द्वारा सुधार करने का एक बड़ा अवसर दिया गया है। इसके लिए एक आधिकारिक आवेदन प्रारूप जारी किया गया है, जिसके माध्यम से कर्मचारी सीधे ऑनलाइन माध्यम से अपना आवेदन भेजकर विवरण दुरुस्त करवा सकते हैं।
जारी प्रारूप के अनुसार, कर्मचारियों को संशोधन आवेदन में कई प्रमुख जानकारियां स्पष्ट रूप से दर्ज करनी होंगी। इसके तहत आवेदक को अपना नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर तथा अपना विशिष्ट बीईओ या बीएसए (BEO/BSA) कोड लिखना होगा। इसके साथ ही फॉर्म में पहले से भरा हुआ कर्मचारी का वर्तमान आधार नंबर और उसके स्थान पर आवेदक का सही आधार नंबर भी दर्ज करना अनिवार्य है। आवेदन के साथ सही आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न की गई है या नहीं, इसकी पुष्टि भी हाँ या नहीं में करनी होगी।
त्रुटि सुधार के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों को विभाग द्वारा जारी कुछ सख्त नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। आधिकारिक घोषणा पत्र के अनुसार, कर्मचारियों को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि सुधार का आवेदन करने के पश्चात, जब तक डेटा सुधार का कार्य पूरी तरह पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक उनका कैशलेस कार्ड अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी हो सकता है। इसके अलावा, फॉर्म में मांगी गई उपरोक्त सभी सूचनाएं अनिवार्य रूप से केवल अंग्रेजी भाषा में ही भरी जानी आवश्यक हैं और फॉर्म भरने के पश्चात निर्धारित स्थान पर दिनांक सहित अपने हस्ताक्षर करना अनिवार्य है।
कर्मचारियों को यह पूरा भरा हुआ फॉर्म तैयार करने के बाद, इसके साथ अपने सही आधार कार्ड की छायाप्रति संलग्न करनी होगी। इसके बाद इस पूरे दस्तावेज़ को स्कैन करके आधिकारिक ईमेल आईडी support.cmtcts@sachis.in पर प्रेषित करना होगा। विभाग ने सभी संबंधित शिक्षकों और कर्मचारियों को सलाह दी है कि वे अपने विवरण की जांच कर लें और यदि कोई त्रुटि है, तो चिकित्सा सुविधाओं में किसी भी प्रकार के व्यवधान से बचने के लिए इसे समय रहते जल्द से जल्द ईमेल के माध्यम से अपडेट करा लें।


