लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों, अंशकालिक अनुदेशकों और संविदा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस बार जून महीने का पूरा मानदेय/वेतन कर्मचारियों को दिया जाएगा। समग्र शिक्षा के तहत संचालित नई भुगतान प्रणाली 'एसएनए (Single Nodal Agency) स्पर्श' के संचालन में हो रही तकनीकी और प्रशासनिक देरी को देखते हुए शासन ने यह अंतरिम व्यवस्था लागू की है।
सभी संविदा और सेवा प्रदाता कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
यह राहत भरी व्यवस्था केवल शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों तक ही सीमित नहीं रहेगी। राज्य परियोजना निदेशालय के अनुसार, समग्र शिक्षा से जुड़े सभी संविदा कर्मचारी, आउटसोर्सिंग यानी सेवा प्रदाता कार्मिक, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) तथा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) के सेवा प्रदाता कर्मचारियों पर भी यह नियम समान रूप से लागू होगा। इन सभी को जून माह का पूरा भुगतान किया जाएगा।
जुलाई के मानदेय में होगा अतिरिक्त भुगतान का समायोजन
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी निर्देश के मुताबिक, जून माह में कर्मचारियों को जो अतिरिक्त 15 दिनों का भुगतान किया जा रहा है, उसका समायोजन (Adjustment) आने वाले जुलाई माह के मानदेय/वेतन से कर लिया जाएगा।
तकनीकी दिक्कतों के कारण लिया गया फैसला
विभाग का मानना है कि 'एसएनए स्पर्श प्रणाली' के क्रियान्वयन में हो रहे विलंब के कारण कर्मचारियों को आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े और उनके मानदेय पर कोई विपरीत असर न पड़े। इसी मानवीय और प्रशासनिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए यह बड़ा फैसला लिया गया है। इस कदम से प्रदेश के हजारों परिवारों को जून महीने में समय पर पूरा मानदेय मिल सकेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।


