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29,334 गणित-विज्ञान भर्ती: हाई मेरिट के बावजूद नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों को बड़ी राहत, 12 मई को होगी सुनवाई

Sir Ji Ki Pathshala

UP 29334 Teacher Recruitment Case: Allahabad High Court Latest Update 2026

इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश की बहुचर्चित 29,334 गणित-विज्ञान सहायक अध्यापक भर्ती एक बार फिर कानूनी गलियारों में हलचल पैदा कर रही है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया है कि मेरिट में ऊपर होने के बावजूद किसी अभ्यर्थी को तकनीकी कारणों से नियुक्ति से बाहर नहीं रखा जा सकता। कोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए याची को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्य विवाद: हाई मेरिट बनाम लो मेरिट

​यह प्रकरण मुख्य रूप से मुरादाबाद जिले से जुड़ा है। वर्ष 2013 की इस भर्ती में जब चौथे चरण की काउंसलिंग हुई, तब वहां की कट-ऑफ 68.23 निर्धारित की गई थी। याची की मेरिट 68.81 थी, जो कट-ऑफ से काफी अधिक थी। इसके बावजूद, विभाग ने कम मेरिट वाले अभ्यर्थियों का चयन कर लिया लेकिन याची को नियुक्ति नहीं दी।

72,825 भर्ती और 'अंडरटेकिंग' का पेंच

​विभाग ने नियुक्ति रोकने के पीछे यह तर्क दिया था कि याची ने तत्कालीन 72,825 शिक्षक भर्ती में शामिल होने के लिए बीएसए कार्यालय से अपने मूल दस्तावेज वापस निकाल लिए थे। दस्तावेज निकालते समय याची से एक हलफनामा (Affidavit) लिया गया था कि वह भविष्य में इस भर्ती पर दावा नहीं करेंगे। इसी 'अंडरटेकिंग' को आधार बनाकर विभाग ने वर्षों तक नियुक्ति रोके रखी।

न्यायालय का कड़ा रुख और आदेश

​लंबी कानूनी लड़ाई और दो याचिकाओं के बाद, कोर्ट ने अब याची के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया:

  • मेरिट सर्वोपरि: यदि अभ्यर्थी की मेरिट कट-ऑफ से अधिक है और पद रिक्त है, तो उसे नियुक्ति दी जानी चाहिए।
  • पद की उपलब्धता: कोर्ट ने पाया कि याची के लिए आवंटित पद अभी भी सुरक्षित है।
  • सुप्रीम कोर्ट का आधार: नीरज कुमार पांडे मामले में सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को आधार मानते हुए कोर्ट ने कहा कि जो अभ्यर्थी पहले से कोर्ट में अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कल की सुनवाई पर टिकी निगाहें

​इलाहाबाद हाईकोर्ट में कल प्रस्तावित सुनवाई इस मामले में 'कंप्लायंस' (अनुपालन) को लेकर है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में सरकार को आदेश दिया था कि संबंधित अभ्यर्थी को नियुक्ति पत्र जारी कर कोर्ट को सूचित किया जाए। कल की तारीख में सरकार को कोर्ट के समक्ष यह बताना होगा कि आदेश का पालन हुआ है या नहीं।

"यह केवल एक व्यक्ति की लड़ाई नहीं है, बल्कि उन सभी योग्य अभ्यर्थियों की जीत है जिन्हें सिस्टम की खामियों के कारण वर्षों तक दर-दर भटकना पड़ा।" > — इलाहाबाद लीगल टीम

शिक्षक साथियों के लिए सूचना: इस पूरे प्रकरण की बारीकियों और 72,825 भर्ती से इसके जुड़ाव को समझने के लिए इलाहाबाद लीगल टीम द्वारा जारी किया गया वीडियो अवश्य देखें।

देखें वीडियो: 29334 भर्ती - आदेश का विश्लेषण

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