प्रयागराज: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होते ही विवादों और तकनीकी समस्याओं का घेरा शुरू हो गया है। जहाँ एक ओर लाखों बेरोजगार युवा इस परीक्षा का इंतज़ार कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षक पोर्टल की एक तकनीकी कमी के कारण आवेदन करने से वंचित हो रहे हैं।
समस्या उन शिक्षकों और अभ्यर्थियों के साथ आ रही है जिन्होंने इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद सीधे BTC या D.El.Ed. किया है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2000 से पहले और बाद में भी मृतक आश्रित कोटे के तहत कई शिक्षकों की नियुक्ति केवल 12वीं और बीटीसी की योग्यता के आधार पर हुई थी। नियमानुसार ये शिक्षक पात्रता परीक्षा में बैठने के योग्य हैं, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल उनके आड़े आ रहा है।
पोर्टल पर 'ग्रेजुएशन' बना अनिवार्य बाधा
UPTET का ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरते समय शैक्षणिक योग्यता के कॉलम में 'Graduation' (स्नातक) का विवरण भरना अनिवार्य (Mandatory) कर दिया गया है।
- बिना स्नातक के आगे नहीं बढ़ रहा प्रोसेस: जब अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता चुनते हैं, तो पोर्टल स्नातक के अंक और विश्वविद्यालय का नाम माँगे बिना 'Next' या 'Submit' बटन को इनेबल नहीं कर रहा है।
- मृतक आश्रितों का संकट: मृतक आश्रित कोटे में नियुक्त हुए अधिकांश शिक्षकों के पास नियुक्ति के समय केवल 12वीं + बीटीसी की ही डिग्री थी। ऐसे में उनके पास स्नातक का विवरण नहीं है, जिसके कारण वे चाहकर भी अपना फॉर्म पूरा नहीं कर पा रहे हैं।
हजारों शिक्षकों के प्रमोशन और पात्रता पर खतरा
यह केवल एक फॉर्म भरने की समस्या नहीं है, बल्कि यह उन शिक्षकों के करियर से जुड़ा मामला है। कई कार्यरत शिक्षक अपनी पात्रता सिद्ध करने या उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा देने के लिए UPTET में शामिल होना चाहते हैं। पोर्टल की इस चूक के कारण वे आवेदन की अंतिम तिथि से बाहर होने की कगार पर हैं।
अभ्यर्थी क्या करें? (विशेषज्ञ सलाह)
शिक्षा जगत के जानकारों और 'सर जी की पाठशाला' का सुझाव है कि अभ्यर्थी व्यक्तिगत रूप से परेशान होने के बजाय सामूहिक रूप से अपनी शिकायत दर्ज कराएँ।
- हेल्पलाइन का प्रयोग करें: नीचे दिए गए आयोग के नंबरों पर तुरंत संपर्क कर अपनी समस्या बताएं।
- ईमेल साक्ष्य भेजें: फॉर्म भरते समय आने वाले 'Error' का स्क्रीनशॉट लेकर आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजें।
- ज्ञापन: यदि समस्या का समाधान 24-48 घंटों में नहीं होता है, तो अभ्यर्थियों को चयन आयोग के कार्यालय में ज्ञापन देना चाहिए।
UPESSC आयोग: संपर्क सूत्र
यदि आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो तुरंत निम्नलिखित माध्यमों से आयोग को सूचित करें:
उम्मीद है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) जल्द ही इस तकनीकी खामी को सुधारेगा और पोर्टल पर '12वीं + बीटीसी' का अलग विकल्प प्रदान करेगा ताकि कोई भी योग्य शिक्षक इस परीक्षा से वंचित न रहे।
साभार: सर जी की पाठशाला

