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यूपी सरकार की सख्ती: स्कूली वाहनों का शपथ-पत्र अपलोड न करने वाले स्कूलों पर गिरेगी गाज

Sir Ji Ki Pathshala

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश (किंजल सिंह) द्वारा जारी ताज़ा निर्देश के अनुसार, प्रदेश के हजारों परिषदीय और निजी स्कूलों ने अभी तक अपने वाहनों के संचालन से संबंधित अनिवार्य शपथ-पत्र पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं। विभाग ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

हैरान करने वाले आंकड़े: केवल 2,173 स्कूलों ने दी जानकारी

​परिवहन विभाग द्वारा जारी डेटा के अनुसार, प्रदेश भर की स्थिति काफी चिंताजनक है। आंकड़ों का विश्लेषण कुछ इस प्रकार है:

  • कुल स्कूल: 2,65,173
  • वाहन संचालित करने वाले स्कूल: 13,761
  • शपथ-पत्र अपलोड करने वाले स्कूल: मात्र 2,173
  • बिना ऑन-बोर्डिंग वाले स्कूल: 1,71,603 स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि उनके यहाँ वाहन संचालित हो रहे हैं या नहीं।

​इसका सीधा मतलब यह है कि वाहन संचालित करने वाले लगभग 11,588 स्कूलों ने अभी तक शपथ-पत्र पोर्टल पर नहीं डाला है, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

​परिवहन आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि परिषदीय स्कूलों (सरकारी प्राथमिक विद्यालयों) के लिए 9 अप्रैल, 2026 को ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके थे। अब जिम्मेदारी संभागीय और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों की है कि वे निजी स्कूलों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) सुनिश्चित करें।

प्रमुख निर्देश:

  1. ​जिन निजी स्कूलों में वाहन नहीं चल रहे हैं, उनसे भी 'शून्य संचालन' का शपथ-पत्र लिया जाए।
  2. ​चिन्हित स्कूल जहाँ वाहन चल रहे हैं, उनसे तत्काल शपथ-पत्र अपलोड कराया जाए।
  3. ​समेकित सूचना शासन को समयबद्ध तरीके से प्रेषित की जाए।

इन जिलों की स्थिति सबसे खराब

​विभागीय सूची (Data Sheet) के अनुसार, प्रयागराज, आजमगढ़ और जौनपुर जैसे जिलों में ऐसे स्कूलों की संख्या बहुत अधिक है जिन्होंने अभी तक ऑन-बोर्डिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। उदाहरण के तौर पर, प्रयागराज में 3,646 और जौनपुर में 5,540 स्कूलों ने अभी तक कोई विवरण साझा नहीं किया है।

निष्कर्ष

​परिवहन विभाग की इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य अनफिट स्कूली वाहनों पर लगाम लगाना और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि स्कूल जल्द ही पोर्टल पर शपथ-पत्र अपलोड नहीं करते हैं, तो उन पर भारी जुर्माना या मान्यता रद्द करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

UP Transport Commissioner Kinjal Singh Notice for School Vehicles