लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की बेटियों की शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर रुख अपना रही है। इसी क्रम में, महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को एक कड़ा निर्देश जारी किया गया है। यह आदेश शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में शत-प्रतिशत (100%) नामांकन सुनिश्चित करने के संबंध में है।
नामांकन की धीमी गति पर जताई नाराजगी
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद जनपदों में नामांकन की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है।
- पूर्व निर्धारित तिथि: 15 अप्रैल 2026 तक सभी नामांकन पूर्ण करने के निर्देश थे।
- वर्तमान स्थिति: समीक्षा में पाया गया कि अब तक केवल 70% नामांकन ही पूरे हो सके हैं।
- चिंता का विषय: लक्ष्य से 30% पीछे होने के कारण नियमित कक्षाओं के संचालन में बाधा आ रही है।
24 अप्रैल तक की दी गई मोहलत
प्रशासन ने अब सभी जिलों को अल्टीमेटम देते हुए 24 अप्रैल 2026 तक की अंतिम समय सीमा निर्धारित की है। इस तिथि तक सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निम्नलिखित कार्य पूर्ण करने होंगे:
- सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खाली सीटों पर शत-प्रतिशत नामांकन।
- नामांकन पूर्ण होने के बाद नियमित कक्षाओं का सुचारू संचालन।
- राज्य परियोजना कार्यालय को इस आशय का प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराना कि जनपद के सभी विद्यालयों में लक्ष्य के सापेक्ष नामांकन पूरा हो चुका है।
क्या है कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना?
यह योजना मुख्य रूप से समाज के पिछड़े वर्गों (SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों) की बालिकाओं के लिए है। इसका उद्देश्य बीच में पढ़ाई छोड़ देने वाली (Out of School) बालिकाओं को आवासीय सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है।

