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NIOS D.El.Ed धारकों को बड़ा झटका: बिहार शिक्षा विभाग ने नियुक्ति दावे को किया खारिज, देखें आदेश

Sir Ji Ki Pathshala

पटना: बिहार के शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए NIOS (National Institute of Open Schooling) के माध्यम से 18 महीने का D.El.Ed कोर्स करने वाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति के दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। यह आदेश अपर मुख्य सचिव द्वारा पटना उच्च न्यायालय के एक हालिया निर्देश के आलोक में जारी किया गया है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह मामला नेहा कुमारी बनाम राज्य सरकार एवं अन्य (याचिका सं0-18781/2025) से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का चयन बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा जारी विज्ञापन संख्या-22/2024 के तहत हुआ था और उन्हें गोपालगंज जिला आवंटित किया गया था।

​हालांकि, काउंसिलिंग के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज ने उनकी पात्रता को 'Doubtful' (संदेहास्पद) श्रेणी में डाल दिया था। इसका मुख्य कारण अभ्यर्थी द्वारा NIOS से प्राप्त 18 महीने की D.El.Ed डिग्री थी।

​विभाग का मुख्य तर्क

​शिक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक आदेश में निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट किया है:

  • विज्ञापन की शर्तें: विज्ञापन संख्या 22/2024 की कंडिका-2 के उप कंडिका-B (iv) के नोट में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि शिक्षा विभाग के पूर्व पत्रांक (2223, दिनांक 07.12.2023) के अनुसार, NIOS द्वारा प्रदत्त 18 महीने की D.El.Ed उपाधि मान्य नहीं होगी।
  • सुनवाई का अवसर: माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में, विभाग ने याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए कई अवसर (फरवरी और मार्च 2026 में) दिए।
  • अंतिम निर्णय: विभाग ने याचिकाकर्ता के दावे पर विचार करने के बाद पाया कि विज्ञापन की शर्तों और पूर्व के नियमों के आधार पर 18 महीने का कोर्स करने वाले अभ्यर्थी शिक्षक पद के पात्र नहीं हैं।

​भविष्य पर प्रभाव

​इस आदेश के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार में शिक्षक बहाली के दौरान NIOS से 18 महीने का डिप्लोमा करने वाले अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। विभाग ने याचिकाकर्ता के दावे को अस्वीकृत करते हुए मामले को पूरी तरह निष्पादित (Dispose of) कर दिया है।

Bihar Education Department Official Order regarding NIOS D.El.Ed validity 2026