नई दिल्ली/भोपाल: मध्य प्रदेश में शिक्षकों की नियुक्ति और 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) की अनिवार्यता से जुड़े कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। मध्य प्रदेश राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका (Review Petition) दाखिल कर दी है।
मामले का मुख्य विवरण
सुप्रीम कोर्ट के ई-फाइलिंग पोर्टल के अनुसार, राज्य सरकार ने 'अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट व अन्य' के खिलाफ यह याचिका दायर की है। इस याचिका के माध्यम से सरकार सिविल अपील संख्या 1385/2025 में दिए गए 1 सितंबर 2025 के अंतिम निर्णय और आदेश को चुनौती दे रही है।
याचिका की महत्वपूर्ण जानकारी:
- ई-फाइलिंग नंबर: EC-SCIN01-19599-2026
- फाइलिंग की तारीख: 17 अप्रैल 2026
- अधिवक्ता: पशुपति नाथ राजदान
- आधार: संविधान के अनुच्छेद 137 के तहत 'असाधारण अंतर्निहित क्षेत्राधिकार' (Extraordinary Inherent Jurisdiction) का उपयोग।
क्या है पूरा विवाद?
यह मामला मुख्य रूप से TET (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता से संबंधित है। पूर्व में आए अदालती फैसलों ने शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम के तहत शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा को अनिवार्य माना था। मध्य प्रदेश सरकार अब इस फैसले के कुछ कानूनी पहलुओं पर कोर्ट से फिर से विचार करने का आग्रह कर रही है।
रिव्यू पिटीशन का महत्व
आमतौर पर सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन तब दाखिल की जाती है जब याचिकाकर्ता को लगता है कि:
- निर्णय में रिकॉर्ड के आधार पर कोई प्रत्यक्ष त्रुटि रह गई है।
- कुछ ऐसे नए तथ्य सामने आए हैं जो सुनवाई के दौरान उपलब्ध नहीं थे।
आगे क्या होगा?
इस याचिका के दाखिल होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट यह तय करेगा कि क्या पुराने फैसले पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। यदि कोर्ट इस याचिका को स्वीकार कर लेता है, तो राज्य में शिक्षक भर्ती के नियमों और TET की अनिवार्यता को लेकर स्थिति एक बार फिर स्पष्ट होगी।
MP सरकार ने TET अनिवार्यता मामले में SC में रिव्यू पिटीशन दाखिल की। (Civil Appeal No. 1385/2025). शिक्षकों की पात्रता को लेकर कानूनी लड़ाई तेज।#MPTET #SupremeCourt #MPNews #TeacherRecruitment #EducationNews pic.twitter.com/shRXvTYMiM
— Sir Ji Ki Pathshala (@basic_pathshala) April 17, 2026

