UP Basic Shiksha: पारिवारिक पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति नियम 2026 | FAQ
उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों की असामयिक मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को मिलने वाले लाभों और नियमों को लेकर अक्सर संशय की स्थिति बनी रहती है। Sir Ji Ki Pathshala के इस लेख में हम आपके सभी महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सरल भाषा में दे रहे हैं।
पारिवारिक पेंशन एवं वित्तीय लाभ
प्रश्न 1: यदि किसी शिक्षक की नियुक्ति के मात्र 10 दिन बाद मृत्यु हो जाती है, तो क्या परिवार पेंशन का हकदार है?
उत्तर: हाँ, नियुक्ति के कितने भी दिन बाद यदि ऐसी दुखद घटना होती है, तो कर्मचारी के आश्रित को नियमानुसार पारिवारिक पेंशन अवश्य दी जाएगी।
प्रश्न 2: क्या पारिवारिक पेंशन के लिए NPS (New Pension Scheme) कटना अनिवार्य है?
उत्तर: नहीं। पारिवारिक पेंशन एक सामाजिक सुरक्षा लाभ है। शिक्षक का NPS कट रहा हो या नहीं, दोनों ही स्थितियों में उनके आश्रित को पेंशन का लाभ हर हाल में प्राप्त होगा।
प्रश्न 3: सेवाकाल में मृत्यु होने पर पारिवारिक पेंशन की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर: पेंशन का निर्धारण सेवा की अवधि के आधार पर होता है:
- 7 वर्ष या अधिक सेवा: आश्रित को शिक्षक के अंतिम मूल वेतन (Basic Pay) का 50% + वर्तमान डी.आर. (DR) मिलेगा। यह दर अधिकतम 10 वर्ष तक लागू रहती है, उसके बाद यह मूल वेतन के 30% पर आ जाती है।
- 7 वर्ष से कम सेवा: आश्रित को मूल वेतन का 30% + वर्तमान डी.आर. (DR) देय होगा।
प्रश्न 4: वर्तमान समय में न्यूनतम पारिवारिक पेंशन कितनी बन सकती है? (एक उदाहरण)
उत्तर: मान लीजिए किसी शिक्षक की नियुक्ति जनवरी 2026 में हुई और फरवरी 2026 में उनकी मृत्यु हो गई:
- मूल वेतन (35400) का 30% = ₹10,620
- महंगाई राहत (DR मान लीजिए 58%) = ₹6,160
- कुल मासिक पेंशन: ₹16,780 (लगभग)
अनुकंपा नियुक्ति (Compasisonate Appointment) के नियम
प्रश्न 5: शिक्षक की मृत्यु के बाद आश्रित को किस पद पर नियुक्ति दी जाती है?
उत्तर: इसके दो मुख्य प्रावधान हैं:
- (A) शिक्षक पद हेतु: यदि आश्रित के पास स्नातक के साथ D.El.Ed (BTC) और प्राथमिक स्तर की TET/CTET परीक्षा उत्तीर्ण है, तो उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति मिलेगी।
- (B) अनुचर पद हेतु: यदि आश्रित उपरोक्त शिक्षक योग्यता नहीं रखता है, तो उसे विभाग में 'अनुचर' (चतुर्थ श्रेणी) के पद पर नियुक्ति दी जाएगी।
प्रश्न 6: क्या स्नातक पास आश्रित को लिपिक (Clerk) पद पर नियुक्ति मिल सकती है?
उत्तर: वर्तमान शासनादेश के अनुसार अनुकंपा नियुक्ति में लिपिक पद का प्रावधान सीमित है। जब तक विभाग में पहले से कार्यरत स्नातक/परास्नातक पास अनुचरों को पदोन्नत नहीं किया जाता, तब तक सीधे लिपिक पद पर नियुक्ति मिलना कठिन है। अतः 'अनुचर' पद पर ही नियुक्ति का वर्तमान विकल्प उपलब्ध है।
प्रश्न 7: यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं, तो क्या अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी?
उत्तर: नहीं। यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवा में हैं और किसी एक की मृत्यु होती है, तो परिवार के किसी अन्य सदस्य (पुत्र/पुत्री) को अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिलेगी। हालांकि, मृतक की पारिवारिक पेंशन जीवित जीवनसाथी को अवश्य मिलेगी।
प्रश्न 8: क्या योग्यता हासिल करने के लिए अनुकंपा नियुक्ति को कुछ वर्षों के लिए टाला जा सकता है?
उत्तर: तकनीकी रूप से इसे 5 साल तक होल्ड पर रखने की चर्चा होती है, लेकिन विशेषज्ञ सलाह यही है कि अनुकंपा नियुक्ति 'अधिकार' नहीं बल्कि 'सहयोग' है। अतः उपलब्ध पद पर जल्द से जल्द आवेदन करना ही श्रेयस्कर है।
मृतक शिक्षक के आश्रितों को मिलने वाले अन्य लाभ
प्रश्न 9: सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को कौन-कौन से मुख्य लाभ मिलते हैं?
उत्तर: परिवार को निम्नलिखित लाभों के लिए आवेदन करना चाहिए:
- अनुकंपा नियुक्ति (आश्रित की योग्यतानुसार)
- डेथ ग्रेच्युटी (Death Gratuity)
- सामूहिक बीमा (GIS) कटौती का लाभ (यदि नियुक्ति 1 अप्रैल 2014 से पहले की है)
- पारिवारिक पेंशन
महत्वपूर्ण नोट: केंद्र और राज्य सरकार वर्ष में दो बार महंगाई राहत (DR) में वृद्धि करती है, जिसके कारण पारिवारिक पेंशन की राशि में भी प्रत्येक 6 माह में स्वतः वृद्धि हो जाती है।
प्रस्तुति: Sir Ji Ki Pathshala
(शिक्षा और शिक्षक हितों के लिए समर्पित डिजिटल पोर्टल)


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