लखनऊ: उत्तर प्रदेश में डिप्थीरिया (गलघोंटू) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग की चिंता बढ़ा दी है। राज्य में इस बीमारी के प्रसार को रोकने के लिए योगी सरकार ने प्रदेशव्यापी 'स्कूल आधारित टीकाकरण अभियान' चलाने का निर्णय लिया है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह अभियान 20 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 के मध्य संचालित किया जाएगा।
किन बच्चों को लगेगा टीका?
इस अभियान के तहत तीन श्रेणियों में बच्चों को कवर किया जाएगा ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सके:
- DPT-2 बूस्टर: 5 से 6 वर्ष की आयु के बच्चे (संभावित कक्षा-1)।
- TD-10: 10 वर्ष की आयु के बच्चे (संभावित कक्षा-4 एवं 5)।
- TD-16: 16 वर्ष की आयु के बच्चे (संभावित कक्षा-10 एवं 11)।
अभियान की समय-सारणी (महत्वपूर्ण तिथियां)
अभियान को सुव्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए निम्नलिखित कार्यक्रम निर्धारित किया गया है:
- 09 अप्रैल: राज्य स्तरीय ज़ूम मीटिंग द्वारा संवेदीकरण।
- 10-13 अप्रैल: जनपद स्तर पर DTF (डिस्ट्रिक्ट टास्क फ़ोर्स) की बैठक और प्लानिंग।
- 13-16 अप्रैल: ब्लॉक स्तरीय समन्वय बैठक।
- 16-17 अप्रैल: स्कूलों का माइक्रोप्लान तैयार करना।
- 20-30 अप्रैल: टीकाकरण अभियान का मुख्य संचालन (निर्धारित तिथियां: 20, 21, 23, 24, 27, 28 और 30 अप्रैल)।
प्रमुख दिशा-निर्देश और तैयारियां
शासन द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि यह अभियान नियमित टीकाकरण के दिनों (बुधवार और शनिवार) को छोड़कर आयोजित किया जाएगा। अभियान की सफलता के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
- नोडल अध्यापक की नियुक्ति: प्रत्येक विद्यालय में एक नोडल अध्यापक नामित किया जाएगा जो अभिभावकों को टीकाकरण के प्रति जागरूक करेगा।
- एएनएम और आशा की भूमिका: एएनएम अपने क्षेत्र के सभी स्कूलों की सूची तैयार करेंगी। वहीं, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अभिभावक बैठकों के माध्यम से बच्चों को स्कूल लाने के लिए प्रेरित करेंगी।
- सुरक्षा के इंतजाम: प्रत्येक टीकाकरण सत्र पर एनाफाइलेक्सिस किट (आपातकालीन स्थिति के लिए) और पैरासिटामोल टैबलेट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- डिजिटल रिपोर्टिंग: टीकाकरण का डेटा प्रतिदिन यू-विन पोर्टल, HMIS और गूगल शीट पर अपलोड किया जाएगा।
अभिभावकों से अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि डिप्थीरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का एकमात्र रास्ता टीकाकरण ही है। अभिभावक अपने बच्चों का टीकाकरण कराकर उन्हें सुरक्षित करें। टीकाकरण के दौरान प्रचार-प्रसार के लिए स्कूलों में पोस्टर और बैनर भी लगाए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके।
आदेश की PDF डाउनलोड करें


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