नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की घोषणा में हो रही देरी अब चर्चा का विषय बन गई है। नेशनल काउंसिल (Staff Side) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कैबिनेट सचिव को एक औपचारिक पत्र लिखा है।
मार्च में होने वाली घोषणा अब तक लंबित
आमतौर पर, जनवरी से प्रभावी होने वाली DA/DR की किस्तों की घोषणा केंद्र सरकार द्वारा मार्च के अंतिम सप्ताह तक कर दी जाती है। हालांकि, वर्ष 2026 में अप्रैल का आधा महीना बीत जाने के बाद भी अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
कर्मचारियों में बढ़ रहा है असंतोष
पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि इस देरी के कारण केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच भारी असंतोष और आशंकाएं पैदा हो रही हैं। कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच भत्ते की घोषणा में देरी उनकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रही है।
पत्र की मुख्य बातें:
- प्रभावी तिथि: DA/DR की यह किस्त 01/01/2026 से लागू होनी है।
- हस्तक्षेप की मांग: पत्र में कैबिनेट सचिव से अनुरोध किया गया है कि वे इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करें और बिना किसी और देरी के भत्ते की घोषणा सुनिश्चित करें।
- अपील: स्टाफ साइड ने सरकार को याद दिलाया है कि यह देरी कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित कर रही है, इसलिए जल्द से जल्द आदेश जारी किए जाएं।
निष्कर्ष:
अब सबकी निगाहें कैबिनेट सचिवालय पर टिकी हैं। यदि सरकार जल्द ही इस पर निर्णय लेती है, तो कर्मचारियों को जनवरी से अब तक का एरियर (Arrears) भी एक साथ मिलेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

